वनडे फॉर्मेट के स्थाई कप्तान बनाए जाने के बाद खेले गए पहले ही मुकाबले में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने टीम इंडिया को वेस्टइंडीज के खिलाफ 6 विकेट से शानदार जीत दिलाई है। मैच के बाद रोहित ने कहा कि सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रयास किया। हालांकि कप्तान ने ये भी साफ कहा कि वो परफेक्ट गेम पर विश्वास नहीं रखते हैं और लगातार सुधार करने की रणनीति पर चलते हैं।

मैच के बाद रोहित ने कहा, “मैं परफेक्ट गेम में विश्वास नहीं करता। आप परफेक्ट नहीं हो सकते। हम बेहतर होते रहना चाहते हैं। कुल मिलाकर सभी की ओर से बहुत अच्छा प्रयास। हमने सभी बॉक्स पर टिक कर दिया। इससे काफी खुश हैं। लेकिन हम बल्ले से बिना विकेट गंवाए मैच खत्म कर सकते थे।”

बल्लेबाजी में क्या कमी रह गई, इस बारे में बात करते हुए रोहित ने कहा, “निचले क्रम पर दबाव बना सकते थे। किसी से श्रेय नहीं लेना चाहता हूं। हमने जिस तरह से गेंदबाजी की, वो देखने लायक थी। हम एक टीम के रूप में बेहतर होते रहना चाहते हैं। आखिरी लक्ष्य ये है कि हमें वो हासिल करने में सक्षम होना चाहिए जो टीम चाहती है। अगर टीम को हमसे कुछ अलग करने की जरूरत है, तो उसे करना ही होगा।”

हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से पूरे दक्षिण अफ्रीका दौरे से बाहर होने के बाद रोहित वेस्टइंडीज सीरीज के साथ टीम में वापसी कर रहे हैं और पहले ही मुकाबले में उन्होंने अर्धशतकीय पारी खेली।

अपनी बल्लेबाजी के बारे में रोहित ने कहा, “ये मत सोचो कि हमें बहुत कुछ बदलना है। मैं खिलाड़ियों से सिर्फ इतना कहता हूं कि खुद को चुनौती देते रहो। मैं थोड़ी देर के लिए ब्रेक पर था, दो महीने से नहीं खेला था लेकिन मैं घर पर प्रैक्टिस कर रहा था। पता था कि आगे एक लंबा सीजन है। यहां नेट सेशन अच्छा रहा। मुझे इस खेल में आने से पहले खुद पर काफी भरोसा था।”

टीम इंडिया के 1000वें वनडे पर रोहित ने कहा, “इस खेल से बहुत कुछ सकारात्मक तौर पर लिया जा सकता है। पिच में कुछ था, पिच में शुरुआत में नरमी आई थी। इस खास मैच में टॉस अहम हो गया। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो टॉस को खेल से दूर ले जाना चाहता हूं, इस पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहता लेकिन अगर आप जीतते हैं, तो आपको फायदा होगा।”