दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी (Lungi Ngidi) ने गुरुवार को कहा कि भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने जिस तरह से विपक्षी कप्तान डीन एल्गर के डीआरएस कॉल पर नाराजगी जाहिर की। उससे साफ पता चलता है कि वो स्पष्ट रूप से “निराश और दबाव में” थे।

केपटाउन टेस्ट के तीसरे दिन एल्गर भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के खिलाफ तीन स्टंप के सामने बीट हुए थे और फील्ड अंपायर मरैस इरास्मस ने उन्हें आउट करार दिया। लेकिन एल्गर के डीआरएस लेने के बाद बॉल ट्रैकर की मदद से पता चला कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से गई होगी।

कप्तान विराट कोहली, उनके उप कप्तान केएल राहुल (Kl Rahul) और ऑफ स्पिनर अश्विन इसे लेकर लगातार बहस कर रहे थे। कोहली ने स्टंप माइक पर ये भी कहा कि ब्रॉडकास्टर सुपरस्पोर्ट टीवी ने डीआरएस में धांधली की।

एनगिडी ने कहा, “इस तरह की प्रतिक्रियाएं थोड़ी निराशा दिखाती हैं। और कभी-कभी टीमें इसका फायदा उठाती हैं। आप वास्तव में कभी भी बहुत ज्यादा भावना नहीं दिखाना चाहते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हम वहां स्पष्ट रूप से देख सकते थे कि भावनाएं ज्यादा थी।”

गुस्से में कोहली ने ओवर के आखिर में अपना गुस्सा दिखाया, स्टंप के पास जाकर कहा, “अपनी टीम पर भी ध्यान दें, जब वो गेंद को चमकाते हैं, ना केवल विपक्षी टीम पर। हर समय लोगों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।”

अश्विन को भी ये कहते हुए भी सुना गया, “आपको सुपरस्पोर्ट, जीतने के बेहतर तरीके खोजने चाहिए”, जबकि भारत के उप-कप्तान राहुल को ये कहते हुए सुना गया: “पूरा देश 11 लोगों के खिलाफ खेल रहा है।”

एनगिडी ने कहा कि ये स्पष्ट है कि भारतीय खेमे को झटका लगा है। उन्होंने कहा, “ये हमें बताता है कि शायद वो थोड़ा दबाव महसूस कर रहे हैं। ये हमारे लिए भी एक अच्छी साझेदारी थी। इसलिए वो वास्तव में उस साझेदारी को तोड़ना चाहते थे।”