ऑस्ट्रेलिया में इस समय बिग बैश लीग (बीबीएल) का आयोजन हो रहा है. इस लीग में भारत को छोड़ अन्य कई टीमों के खिलाड़ी खेल रहे हैं. गुरुवार को एक मैच के दौरान कैच को लेकर विवाद पैदा हो गया.

हेड कोच रवि शास्त्री बोले- वनडे को जल्द अलविदा कह सकते हैं महेंद्र सिंह धोनी

होबार्ट हरिकेंस टीम के कप्तान मैथ्यू वेड को दो फील्डरों की मदद से कैच किए जाने पर नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई हालांकि एमसीसी ने अंपायर के आउट वाले फैसले को सही बताया.

होबार्ट ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 14.4 ओवर में वेड की पारी से पांच विकेट पर 98 रन बनाए थे. उन्होंने गेंद को लॉन्ग ऑन सीमा रेखा की तरफ उछाला.

ब्रिस्बेन के मैट रेनशॉ सीमा रेखा के बेहद करीब फील्डिंग कर रहे थे. उन्होंने गेंद कैच तो कर ली लेकिन वह संतुलन नहीं बना सके और जब वह खुद पर संतुलन नहीं बना पाये तो सीमा रेखा पार जाने से पहले उन्होंने गेंद हवा में उछाल दी. इसके बाद उन्होंने सीमा-रेखा के पार गिर रही गेंद को उछलकर हाथ से मारा और जिसे सीमा रेखा के अंदर टॉम बैंटन ने कैच कर दिया जो डीप मिडविकेट से दौड़कर वहां पहुंचे थे.

तीसरे अंपायर ने लंबे समय तक वीडियो समीक्षा करने के बाद वेड को आउट दिया जो इससे पहले ही क्रीज छोड़ चुके थे.

‘मुझे नियम के बारे में पता नहीं था’

वेड ने मैच के प्रसारक चैनल 7 से कहा, ‘मुझे नियम के बारे में वास्तव में पता नहीं है. एक बार जब वह सीमा-रेखा के पार चला गया तो मुझे नहीं पता कि उसे गेंद को छूने की इजाजत है या नहीं. अंपायरों ने कहा कि उसे ऐसा अधिकार था और जब उन्होंने मुझे बताया कि वह सीमा रेखा के बाहर जाकर उसे उछलकर वापस सीमा रेखा के अंदर भेज सकता है तो मैं समझ गया कि मैं आउट हूं.’

कल पुणे T20 में बजेगा विराट कोहली का डंका! बताैैैर कप्तान ये दिग्गज साबित होंगे बौने

नियमों के 2017 के अपडेट में ‘बाउंड्रीज’ और ‘हवा में उछलने वाले क्षेत्ररक्षक का प्रावधान था. क्रिकेट नियमों के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने ट्वीट किया कि ‘नियम 19.5 के अंतर्गत यह कैच वैध माना जाता है.’ वेड को जब आउट करार दिया  उस समय वह 46 गेंदों पर 61 रन बना चुके थे.