Michael Clarke: ‘Play with freedom’ was my message throughout the 2015 World Cup
Michael Clarke @IANS

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा है कि 2015 विश्व कप में जिस ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी उन्होंने की थी उसमें अहम ज्यादा था, लेकिन उन्होंने युवाओं से सिर्फ मैदान पर जाकर अपना खेल खेलने को कहा था और इसका फायदा आखिर उन्हें मिला क्योंकि टीम विश्व विजेता बनी।

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क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू ने क्लार्क के हवाले से लिखा है, ‘पूरे टूर्नामेंट में मेरा एक ही संदेश था कि पूरी आजादी से खेलो। बात यह थी कि जो टीम हमने चुनी थी उसमें कई सुपरस्टार थे जो बड़े मंच पर छा जाना चाहते थे। टीम में कई खिलाड़ियों में अहम था और वो बड़ा मैच, ज्यादा भीड़ और बड़ा पल चाहते थे।’

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बकौल क्लार्क, ‘मेरे लिए जरूरी हमारी ट्रेनिंग और तैयारियां थीं क्योंकि उस समय मैं जेम्स फॉकनर, ग्लेन मैक्सवेल, डेविड वार्नर, मिशेल स्टार्क, स्टीवन स्मिथ जैसे सुपरस्टारों को मंच देना चाहता था और पूरे विश्व को बताना चाहता था कि यह लोग कितने बड़े स्टार हैं और यही हुआ।’ इन युवा खिलाड़ियों ने ही हमें विश्व कप दिलवाया क्योंकि यह लोग बड़े मंच पर चमकना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। हम पुराने खिलाड़ियों ने पीछे बैठकर तालियां बजाई थीं।’