Michael slater lashes out at australian government for banning their citizens from india 4636768
माइकल स्लेटर @ICCTwitter

भारत में कोविड-19 (Covid- 19) महामारी की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है. इस बीच आईपीएल (IPL 2021) में हिस्सा लेने आए खिलाड़ी और पूर्व खिलाड़ी भी बेचैन हैं. ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भारत में इस घातक वायरस की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यहां की यात्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया है. अब भारत यात्रा करने वाला उसका कोई भी नागरिक 15 मई से पहले स्वदेश नहीं लौट सकता है. इस पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज माइकल स्लेटर (Michael Slater) बेहद नाराज हैं और उन्होंने अपने देश की सरकार और प्रधानमंत्री को खूब खरी-खरी सुनाई है.

ऑस्ट्रेलिया की केंद्र सरकार ने कोविड- 19 की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया है कि 15 मई तक कोई भी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अपने देश में प्रवेश नहीं कर सकता है. यदि किसी ने इस नियम को तोड़ने की कोशिश को उसे 5 साल की जेल होगी. सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया है ताकि देश में जारी क्वॉरंटीन व्यवस्था पर अतिरिक्त भार न पड़े. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के कई नागरिक स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं.

ऑस्ट्रलिया के पूर्व क्रिकेटर माइकल स्लेटर ने तो सरकार के इस निर्णय की तीखी निंदा की है और उन्होंने अपने प्रधानमंत्री को ‘खूनी’ करार दिया है. स्लेटर ने अपने टि्वटर हैंडल पर प्रधानमंत्री मॉरिसन की आलोचना करते हुए लिखा, ‘अगर हमारी सरकार ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की सुरक्षा की चिंता करती है तो उन्हें हमें अपने घर पहुंचने देना चाहिए. यह शर्मनाक है!! आपके हाथ खून से सने हैं प्रधानमंत्री.’

https://twitter.com/mj_slats/status/1389147322425110541?s=20

इस ट्वीट से गुस्से में दिख रहे स्लेटर ने आगे लिखा, ‘हम लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करने की आपकी हिम्मत कैसे हुई. आपकी क्वॉरंटीन सिस्टम व्यवस्था का क्या हुआ. मेरे पास आईपीएल में काम करने की सरकार की मंजूरी थी लेकिन अब मेरे पास सरकार की उपेक्षा है.’

बता दें एक ऑस्ट्रेलियाई अखबार के मुताबिक स्लेटर इन दिनों मालदीव में हैं. वह आईपीएल में कॉमेंट्री टीम का हिस्सा थे. लेकिन भारत में कोविड 19 की स्थिति गंभीर होने के बाद वह आईपीएल का बायो बबल छोड़कर स्वदेश लौटने के मकसद से मालदीव चले गए. लेकिन इस बीच सरकार ने भारत यात्रा पर आए अपने नागरिकों के स्वदेश में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया.