Mohsin Khan wants Sarfraz Ahmed to be relieved from Test captaincy
Sarfraz Ahmed-led Pakistan drew with England last year. (AFP Photo)

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के क्रिकेट कमेटी का चेयरमैन मोहसिन खान का मानना है सरफराज अहमद पर टेस्ट की कप्तानी का बोझ नहीं डालना चाहिए। क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में कप्तानी करने से सरफराज पर दबाव ज्यादा हो गया है जिसे कम करने के लिए टेस्ट कप्तानी से उनको आजाद कर देना चाहिए।

क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक एक टीवी चैनल पर मोहसिन खान ने कहा, ”पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद के काम का बोझ कम कर उनको थोड़ा आराम दिया जाना चाहिए। हाल ही में खत्म हुए एशिया कप के दौरान उन्होंने सरफराज अहमद की शारीरिक भाषा को देखने का बाद काफी बुरा लगा।”

भारत के खिलाफ खेले गए दोनों ही मैच में पाकिस्तान को हार मिली वहीं बांग्लादेश से हारकर वह सेमीफाइनल की रेस से भी बाहर हो गया।

मोहसिन का कहना था, ”मैंने पहले भी कहा है और आगे भी कहूंगा। क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट का दबाव सरफराज पर नहीं डालना चाहिए। किसी नए चेहरे को सामने लाना चाहिए। वनडे, टी20 और फिर टेस्ट तीनों की कप्तानी उनके शरीर पर बोझ डालती है। तीनों फॉर्मेट में अगर वह कप्तानी करते रहेंगे तो मानसिक रूप से आराम नहीं मिल पाएगा।”

टेस्ट में कप्तानी पर उन्होंने कहा, ”सरफराज को वनडे और टी20 में कप्तान बनाए रखिए। टेस्ट की कप्तानी के लिए किसी अनुभवी खिलाड़ी को एक साल या डेढ साल के लिए मौका दिया जाए। ताकी सरफराज आराम भी कर पाए और खुद को और बेहतर कप्तान के तौर पर तैयार कर पाए।”

आगे उनका कहना था, ”सरफराज का बॉडी लैंग्वेज काफी डाउन था। उनके लिए मुझे काफी बुरा लग रहा था कि टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों ही फॉर्मेट की कप्तानी का उनपर दबाव है। इसमें कोई शक नहीं कि वह काफी प्रतिभाशाली हैं। ऐसा नहीं कि वह 35-36 साल के हैं वह युवा हैं उनके पास काफी वक्त है। पहले भी मेरा यह सोचना था और फिलहाल भी यही मानना है।”