Peter Handcomb: Always knew Ashton Turner could do this at international level
Ashton Turner (IANS)

भारत के खिलाफ चौथे वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया की रिकार्ड जीत में अहम भूमिका निभाने वाले पीटर हैंड्सकॉम्ब को भरोसा था कि युवा एश्टन टर्नर घरेलू क्रिकेट के अपने बड़े शॉट्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलने में सफल रहेंगे।

टर्नर ने मोहाली में 43 गेंदो पर नाबाद 84 रन की पारी खेली जिससे ऑस्ट्रेलिया ने भारत के दिए 359 रन के लक्ष्य को चार विकेट और 13 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया और पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी। अब पांचवां और निर्णायक मैच बुधवार को नई दिल्ली में खेला जाएगा।

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हैंड्सकॉम्ब ने टीम की चार विकेट की जीत के बाद कहा, ‘‘एश्टन बेहतरीन खिलाड़ी है। पिछले कुछ सालों में उसने जो बिग बैश लीग (पर्थ स्कोरचर्स की ओर से) में किया वो हमने देखा है। हमें पता था कि वो काम पूरा कर सकता है। बुमराह के खिलाफ वो जिस तरह खेला वो शानदार था। इस पारी से उसे काफी आत्मविश्वास मिलेगा।’’

हैंड्सकॉम्ब ने कहा कि टर्नर ने जब बड़े शॉट खेलना शुरू किया तो ड्रेसिंग रूम में सभी अंधविश्वासी हो गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘ये शानदार था। अंधविश्वास के कारण कोई भी अपनी जगह से नहीं हिल रहा था। ये बेहतरीन है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर उसे इस तरह की पारी खेलते हुए देखना शानदार है।’’

मेरे करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मैच: हैंड्सकॉम्ब

हैंड्सकॉम्ब ने ऑस्ट्रेलिया की इस जीत को अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ जीत करार दिया जिससे इंग्लैंड में विश्व कप से पहले उनकी टीम को लय मिलेगी। हैंड्सकॉम्ब ने अपना पहला वनडे शतक जड़ा और उस्मान ख्वाजा के साथ 192 रन की साझेदारी की।

इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘ये शानदार अहसास है। मेरे पास इस अहसास को बयां करने के लिए शब्द नहीं है। ये मेरे करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मैच है। ये जीत हमें निर्णायक मैच और फिर इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप के लिए लय देगी। मुझे खुश है कि मैं जीत में योगदान दे पाया।’’

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अपने पहले शतक पर हैंड्सकॉम्ब ने कहा, ‘‘मैं खुश हूं, मुझे नहीं पता था कि मुझे दोबारा वनडे मैच खेलने का मौका मिलेगा या नहीं और ये अजीब है कि कैसे चीजें बदलती हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए दोबारा खेलने का मौका मिलना और इसका फायदा उठाना अच्छा है।’’

हैंड्सकॉम्ब ने स्वीकार किया कि ओस के कारण भारत के रिस्ट स्पिनरों (कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल) को गेंद को स्पिन कराने में दिक्कत हो रही थी जिसके कारण वो और ख्वाजा अपना स्वाभाविक खेल दिखा पाए।