Ranji Trophy 2018-19: We have started to believe we can win against the big teams;Jaydev Unadkat
Jaydev Unadkat (Image: Saurashtra Cricket Twitter account)

पिछले सात वर्षों में तीसरी बार रणजी ट्रॉफी फाइनल खेलने जा रही सौराष्ट्र टीम के कप्तान जयदेव उनादकट ने कहा है कि खिलाड़ियों की सोच में बदलाव से टीम के प्रदर्शन में सुधार हुआ है।

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सौराष्ट्र का मनोबल इस बात से भी बढ़ा होगा कि टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले चेतेश्वर पुजारा, ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा और खुद उनादकट भारतीय टीम की ओर से खेल चुके हैं।

विदर्भ के खिलाफ फाइनल से पहले उनादकट ने कहा, ‘सौराष्ट्र के लिए यह दशक किसी सपने की तरह रहा है। 10 साल पहले किसी ने सोचा नहीं होगा कि रणजी का फाइनल मुकाबला सौराष्ट्र और विदर्भ के बीच होगा। इससे पता चलता है कि देश में क्रिकेट का कैसे विस्तार हुआ है।’

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उन्होंने कहा, ‘हमें यह विश्वास होने लगा कि हम बड़ी टीमों को हरा सकते हैं। हमारी सोच में बदलाव आया है। पहले हम बड़ी टीमों के खिलाफ बड़ी हार से बचने के बारे में सोचते थे लेकिन इसमें अब बदलाव आया है क्योंकि टीम में कई महान खिलाड़ी शामिल हैं।’

टीम के कोच सिंताशु कोटक ने कहा कि पुजारा और जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी युवाओं के साथ अपने विचार साझा कर रहे है।

उन्होंने कहा, ‘आपको टीम में नेतृत्व करने वाले 3-4 ऐेसे खिलाड़ी चाहिए जिनकी सोच अलग हो। खिलाड़ी किसी एक की बात सुन सुन कर ऊब जाते हैं। हमने टीम में सुधार के लिए काफी काम किया है। इसमें तेज गेंदबाजी और तेज गेंदबाज को मदद वाली पिच पर बल्लेबाजी का अभ्यास शामिल है।’

(इनपुट-भाषा)