पूर्व भारतीय बल्लेबाज विनोद कांबली (Vinod Kambli) ने कहा है कि पाकिस्तानी खिलाड़ी राशिद लातिफ (Rashid Latif) पाकिस्तान में मौजूद उनके फैंस के खत उनके लिए लाया करते थे।

कांबली ने द ग्रेटेस्ट राइवलरी पोडकॉस्ट में भारत-पाकिस्तान टीमों के खिलाड़ियों के बीच की दोस्ती की बात की। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान जाने पर हमारा अच्छे से ध्यान रखा गया था। वास्तव में, मेरा एक फैन था दो 91 में मेरे डेब्यू के समय से मेरे करियर को फॉलो कर रहा था। वो कराची से था और मुझे खत लिखा करता था क्योंकि उस समय मोबाइल वगैरह नहीं थे।”

उन्होंने कहा, “और आप विश्वास नहीं करेंगे कि वो खत मुझ तक पहुंचाने का काम करता था- राशिद लतीफ। मेरा फैन राशिद लतीफ के पास जाता था और सारे खत उसे देता था और राशिद जब भी यहां आता था, वो मुझे देता था। इसलिए फैंस पाकिस्तान में भी हैं और यहां भी। जब मैं खेलता था और जब मैंने संन्यास लिया उसके बाद भी फैंस हैं।”

साल 1991 में पाकिस्तान के खिलाफ शारजाह वनडे में डेब्यू करने वाले कांबली ने कहा कि भले ही मैदान पर भारत-पाकिस्तान का मुकाबला बेहद कड़ा होता था लेकिन मैदान के बाहर दोनों टीमों के बीच अच्छे संबंध थे।

उन्होंने कहा, “मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए, हमारी प्रतिद्वंद्विता कड़ी थी, लेकिन मैदान से बाहर, वे मेरे सभी दोस्त हैं, वकार [यूनिस], वसीम [अकरम], और बाकी सब। हमारी उस तरह की दोस्ती थी जिसे हम संजोकर रखते हैं। जब हम खेलते थे, तो हम अपना सर्वश्रेष्ठ देते थे।”

पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “लेकिन मैदान के बाहर आप वकार से पूछ सकते हैं, मैं उसके साथ घुलमिल जाता था, उसके साथ रहता था। वसीम भाई, वे सभी दोस्त थे। हमने अपने डेब्यू के बाद से उस दोस्ती को बनाए रखा।”