पाकिस्तान के दिग्गज ऑलराउंडर खिलाड़ी शाहिद आफरीदी (Shahid Afridi) ने मोहम्मद हफीज (Mohammad Hafeez) का समर्थन करते हुए क्रिकेट अधिकारियों को मैच फिक्सिंग करने वालों का उदाहरण बनाने की बात कही।

हफीज शुरुआत से ही मैच फिक्सिंग करने वाले खिलाड़ियों के लिए आजीवन बैन की मांग करते आए हैं। साथ ही इस ऑलराउंडर खिलाड़ी ने शरजील खान की वापसी पर भी सवाल उठाए। स्पॉट फिक्सिंग मामले में लगा बैन खत्म करने के बाद शरजील को तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर की तरह राष्ट्रीय टीम में दूसरा मौका देने पर चर्चा हो रही है लेकिन हफीज और अब आफरीदी ने भी इसका विरोध किया है।

जियो चैनल से बातचीत में पूर्व कप्तान आफरीदी ने कहा, “मुझे लगता है कि भूतकाल में हुए मामलों के जरिए उदाहरण बनाए जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसी वजह से अब इस तरह के मामले आए दिन देखने को मिल रहे हैं। मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं लेकिन अब बोर्ड उदाहरण सेट करना चाहता है तो वो कर सकता है। इसके बाद ही हम इस तरह के मामलों को रोक सकते हैं।”

करप्शन मामले में फंसने वाले हालिया पाकिस्तान क्रिकेटर हैं उमर अकमल (Umar Akmal) जिन पर बोर्ड ने 12 महीनों का बैन लगाया है। दरअसल अकमल ने ये बयान दिया था कि पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान किसी बुकी ने उनसे स्पॉट फिक्सिंग करने के लिए संपर्क किया था। बोर्ड को इसकी जानकारी ना देने के लिए अकमल पर भारी जुर्माना भी लगाया गया।

आफरीदी ने कहा कि इस मामले में वो अकमल की हरकत से से बेहद निराश हैं। उन्होंने कहा, “अकमल को अपने आसपास के लोगों पर ध्यान देना होगा। उसे अपनी प्राथमिकताएं भी सही करनी होंगी। वो अच्छा बल्लेबाज है लेकिन वो ऐसे आगे नहीं बढ़ सकता है।”

पूर्व क्रिकेटर का ये भी मानना है कि पीसीबी को अपने खिलाड़ियों को फिक्सिंग और करप्शन मामलों को लेकर जागरुक करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “ज्यादातर पाकिस्तानी खिलाड़ी ऐसे बैकग्राउंड से आते हैं, जहां उन्हें ज्यादा शिक्षा नहीं मिलती है और वो खेल को भ्रष्ट करने वाले लोगों का शिकार आसानी से बन जाते हैं। मुझे लगता है कि बोर्ड को इन खिलाड़ियों के लिए ग्रूमिंग कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत है।”

आफरीदी ने आगे कहा, “बात इस पर निर्भर है कि आप अपने खिलाड़ियों को कैसे मैनेज करते हैं। उमर इसका एक उदाहरण है। लेकिन उन्हें केवल एंटी करप्शन नियमों के बारे में बताना काफी नहीं है।”