Shikhar Dhawan: I like to have a clear mind but that doesn’t mean i don’t have intensity
शिखर धवन © Getty Images

भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन मैदान पर अक्सर हंसते और मजाक करते हुए नजर आते है। कैच लेने पर अगर धवन भांगड़ा कर जश्न मनाते हैं तो कैच छूटने पर भी उनके चेहरे पर वही मुस्कान बनी रहती है। हालांकि लोग धवन के इस स्वभाव का गलत मतलब निकालते हैं और ऐसा दिखता है कि धवन गंभीर नहीं है। इस बारे में इस सीनियर खिलाड़ी का कहना है कि वो मैदान पर शांत रहना पसंद करते है क्योंकि ज्यादा उत्साहित होने से कोई मदद नहीं मिलती।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए बयान में धवन ने कहा, “मैं ज्यादा भावनाएं नहीं दिखाता हूं। गंभीरता मेरे अंदर रहती है। ज्यादा उत्साहित होने से कोई मदद नहीं मिलती। मैं दिमाग शांत रखना पसंद करता हूं लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि मैं गंभीर नहीं हूं।”

धवन ने बताया कि टीम इंडिया में जगह पाने की कोशिश में लगे एक युवा और जल्दबाज खिलाड़ी से विकसित होकर वो अब एक सुलझे हुए समझदार क्रिकेटर बन गए हैं। शिखर का कहना है कि उनकी जिंदगी में ठहराव लाने में उनकी पत्नी आएशा धवन का बड़ा हाथ हैं। धवन ने ये भी बताया कि वो आएशा के साथ अपने खेल को लेकर काफी चर्चा करते हैं।

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उन्होंने कहा, “मैं उसके साथ अपने क्रिकेट को लेकर चर्चा करता हूं। हम दोनों इस पर काफी गंभीरता से बात करते हैं। कभी कभी तो वो इतना ज्यादा उत्साहित हो जाती है और अगर मैं अच्छा नहीं खेलता हूं तो मुझे उसे कहना पड़ता है कि शांत हो जाओ, इतना गुस्सा तो मेरा कोच भी नहीं होता।”

धवन का नाम विश्व कप के लिए इंग्लैंड जाने वाले वनडे स्क्वाड में शामिल है। हालांकि वो इस बड़े आईसीसी टूर्नामेंट को लेकर दबाव में नहीं है। धवन ने कहा, “मैं दबाव को नियंत्रण नहीं लेने दे सकता। जितना ज्यादा मैं अपने खेल के बारे में सोचूंगा, उतना ज्यादा से ये मुझे नुकसान पहुंचाएगा। मुझे ये निश्चित करना होगा कि भावनाएं मैदान पर मुझे कमजोर ना बनाएं और मैं शांत रहूं।”