Some Indian cricketers did not like being in the restrictions in IPL bio bubble: Mumbai Indian’s fielding coach James pamment
कीरोन पोलार्ड, हार्दिक पांड्या, क्रुणाल पांड्या (Twitter)

मुंबई इंडियंस के फील्डिंग कोच जेम्स पामेंट ने दावा किया है कि कुछ भारतीय क्रिकेटरों को इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीजन के दौरान बायो बबल में प्रतिबंधों में रहना पसंद नहीं आया हालांकि उन्होंने किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया।

पामेंट ने कहा कि उन्हें बबल बिल्कुल सुरक्षित लगा। आईपीएल में खिलाड़ियों में कोरोना संक्रमण के मामले आने के बाद लीग को चार मई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।

पामेंट ने स्टफ डॉट कॉम डॉट न्यूजीलैंड से कहा, ‘‘कुछ भारतीय खिलाड़ियों को प्रतिबंध और दिशा निर्देश पसंद नहीं आ रहे थे। लेकिन हमें बिल्कुल सुरक्षित लगा। हमें एक बार भी नहीं लगा कि बबल में सुरक्षा को लेकर कोई समझौता हो रहा है।’’

न्यूजीलैंड के नार्दर्न डिस्ट्रिक्ट के पूर्व कोच ने कहा कि लीग रोके जाने से थोड़ा पहले ही वो और मुंबई टीम के खिलाड़ी आशंकित होने लगे थे। उन्होंने कहा, ‘‘जब टीमों में मामले आने लगे तो हम थोड़ा डर गए और आशंकित भी हो गए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चेन्नई सुपर किंग्स ने बताया कि उसकी टीम में मामले हैं और हमने उसी सप्ताह चेन्नई से खेला था। मैने ज्यादातर समय आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के क्रिकेटरों के साथ बिताया और मैने पाया कि उनकी सोच बदल चुकी थी।’’

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उन्होंने कहा कि उन्हें हालांकि एक पल को भी ऐसा नहीं लगा कि मुंबई इंडियंस द्वारा टीम होटल में बनाये गए बायो बबल में उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई समझौता किया गया।

पामेंट ने कहा कि लीग निलंबित होने से पहले उन्हें पता था कि भारत कोरोना संकट से जूझ रहा है और ऐसे में मैच छह शहरों में नहीं कराये जाने चाहिये थे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैच सिर्फ मुंबई में होते तो आसानी से हो जाते लेकिन एक बार मुंबई में मामले बढ़ने के बाद मैदानकर्मियों, अन्य स्टाफ का प्रबंधन मुश्किल हो गया था।’’

उन्होंने ये भी कहा कि अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैचों में 70,000 दर्शकों को प्रवेश की अनुमति देना गैर जिम्मेदाराना था और फिर अहमदाबाद में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ गए।