Steve Rhodes: Winning a big tournament will help Bangladesh in overcoming mental hurdle
Bangladesh © AFP

बांग्लादेश टीम को एशिया कप फाइनल में भारत के खिलाफ तीन विकेट से करीबी हार का सामना करना पड़ा। पूरे मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाली बांग्लादेश टीम एक बार फिर दबाव की स्थिति में आकर गलतियां कर बैठी। कुछ इसी तरह भारतीय टीम ने श्रीलंका में हुई निदाहास ट्रॉफी के फाइनल में भी बांग्लादेश को मात दी थी। हालांकि टीम के कोच स्टीव रोड्स का मानना है कि बांग्लादेश टीम अगर एक बड़ा टूर्नामेंट जीत जाती है तो फिर वो फाइनल मैचों के दबाव से निपटना सीख जाएंगे।

क्रिकबज से बातचीत में रोड्स ने कहा, “मैं भूतकाल को लेकर ज्यादा परेशान नहीं हूं। मेरा मानना है कि हम एक बड़ा टूर्नामेंट जीतने से ज्यादा दूर नहीं है। एक बार हम ये कर लेते हैं तो इससे हमे वो मानसिकता मिलेगी जिससे कि हम फाइनल मैचों के दबाव को सफलतापूर्वक झेल सकेंगे। टूर्नामेंट जीतना एक आदत है।”

रोड्स ने कहा कि बांग्लादेश भले ही फाइनल हार गई हो लेकिन टूर्नामेंट में उनके लिए कई सकारात्मक चीजें हुई। उन्होंने कहा, “हमारे लिए कई सकारात्मक चीजें हैं, जिस तरह से लिटन ने फाइनल मैच में बल्लेबाजी की और मिथुन ने जरूरी 60 रन जोड़े या फिर मेहदी ने जिस तरह अपने आप को ऑलराउंडर साबित करने की कोशिश की। हमारे स्पिन और तेज गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की जबकि कई मौकों पर बतौर फील्डिंग टीम हम शानदार थे। आखिर में हम अपने स्क्वाड पर नजर डालें तो बिना शाकिब और तमीम के बिना इतना आगे तक पहुंचना काबिले तारीफ है।”