नाथन लायन © Getty Images
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पर्थ टेस्ट में फिक्सिंग की खबरों के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम्स सदरलैंड ने बड़ा बयान दिया है। सदरलैंड को इस बात का पूरा विश्वास है कि एशेज में किसी भी तरह की कोई भी फिक्सिंग नहीं हुई है और न ही कोई भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इसमें शामिल है। सदरलैंड ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के टॉम हैरिसन, आईसीसी सीईओ डेविड रिचर्डसन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहीं आईसीसी एंटी करप्शन यूनिट के सदस्य एलेक्स मार्शल ने भी सदरलैंड को मामले की जानकारी दी।

फिक्सिंग की खबरों पर बोलते हुए सदरलैंड ने कहा, ‘एलेक्स मार्शल से मिली जानकारी के मुताबिक फिक्सिंग के कोई भी सबूत आईसीसी को नहीं मिले हैं। इस बात के कोई भी प्रमाण नहीं हैं जो इन आरोपों को सही साबित कर सके। किसी भी खिलाड़ी या अधिकारी के फिक्सिंग में शामिल होने के कोई भी सबूत नहीं हैं, न ही किसी खिलाड़ी के किसी भी संदिग्ध के साथ संपर्क में या फिर बातचीत करने के सबूत मिले हैं।’ सदरलैंड ने आगे कहा, ‘हमें अपने खिलाड़ियों, अधिकारियों पर पूरा भरोसा है। एलेक्स मार्शल से मिली जानकारी के बाद हमें कुछ भी कहने या करने की जरूरत नहीं है।’

पर्थ टेस्ट में मंडराया फिक्सिंग का साया, विराट कोहली के साथ क्रिकेट खेलने वाले ने की फिक्सिंग!
पर्थ टेस्ट में मंडराया फिक्सिंग का साया, विराट कोहली के साथ क्रिकेट खेलने वाले ने की फिक्सिंग!

आपको बता दें कि एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच तब विवादों में आ गया जब पर्थ टेस्ट मैच में फिक्सिंग का साया मंडराने लगा। ‘द सन’ ने दावा किया है कि स्पॉट फिक्सरों ने पर्थ टेस्ट से जुड़ी जानकारी जानकारी देने की बात की। ‘द सन’ ने ये भी कहा है कि ये फिक्सर भारत के हैं और इन्होंने हर ओवर की सही जानकारी देने के लिए 140,000 ग्रेट ब्रिटेन पाउंड की मांग की। फिक्सरों के नाम सॉबर्स जॉबन और प्रियांक सक्सेना बताए जा रहा हैं। कीमत मिलने पर फिक्सरों ने हर ओवर में बनने वाले रनों की सही जानकारी देने की बात की। हैरानी की बात ये है कि दावा किया जा रहा है कि इन दो भारतीय फिक्सरों में से एक जॉबन भारतीय कप्तान विराट कोहली के साथ भी क्रिकेट खेल चुका है।