होबार्ट टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 146 रनों से शानदार जीत हासिल करने के साथ ऑस्ट्रेलिया टीम ने 4-0 से एशेज सीरीज भी अपने नाम की। ट्रॉफी हाथ में लेने के बाद कप्तान पैट कमिंस (Pat Cummins) ने शैंपेन उड़ाकर साथी खिलाड़ियों के साथ जीत का जश्न मनाया जो कि क्रिकेट जगत में बेहद आम बात है लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने अपनी टीम के उस्मान ख्वाजा (Usman Khawaja) को इस जश्न का हिस्सा बनाने के लिए जो किया वो ना केवल नया बल्कि तारीफ के काबिल है।

दरअसल इस्लाम धर्म को मानने की वजह से ख्वाजा शैंपेन के छिड़काव वाले जश्न के दौरान स्टेज से नीचे उतकर अपनी टीम से दूर खड़े हो गए। जब कमिंस ने ये देखा तो उन्होंने तुरंत ख्वाजा को वापस बुलाया और बाकी खिलाड़ियों को शैंपेन बोटल हटाने के लिए कहा ताकि ख्वाजा बिना किसी परेशान के जश्न का हिस्सा बन सकें।

एशेज सीरीज के दौरान सिडनी टेस्ट के जरिए टेस्ट प्लेइंग इलेवन में वापसी कर रहे ख्वाजा ने उस मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ होबार्ट में होने वाले आखिरी एशेज टेस्ट में अपनी जगह पक्की की। हालांकि पांचवें टेस्ट में वो खास कमाल नहीं कर सके लेकिन कमिंस की अगुवाई वाले गेंदबाजी अटैक के जबरदस्त प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 146 रन के अंतर से हराया।

कप्तान कमिंस के इस फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है। वहीं कई पूर्व दिग्गजों ने कमिंस की तारीफ की है। बता दें कि बतौर कप्तान कमिंस की ये पहले एशेज सीरीज थी। चूंकि ऑस्ट्रेलिया टीम के टेस्ट कप्तान टिम पेन ने सीरीज शुरू होने से ठीक पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कमिंस का रुख किया।

एशेज सीरीज शुरू होने से पहले, पिछले साल के अंत में, ख्वाजा ने एबीसी से बातचीत में कहा था कि उनके लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ खुद की पहचान करना काफी मुश्किल रहा है क्योंकि उनकी पृष्ठभूमि और अनुभव बाकी खिलाड़ियों से बेहद अलग था।

उन्होंने कहा, “मैंने ऑस्ट्रेलिया का समर्थन करने के लिए एक छोटे बच्चे के रूप में संघर्ष किया क्योंकि मुझे अपने और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के बीच कोई संबंध नहीं दिख रहा था। मुझे लगा जैसे वो पूरी तरह से अलग थे, श्वेत-वर्चस्व वाले, वीबी-पीने वाले लैरीकिन्स। मैं वास्तव में लंबे समय तक पश्चिमी सिडनी में इन सब चीजों से संघर्ष कर रहा था।”