We can avoid losing wickets at the end of the season with more experience: Smriti Mandhana
स्मृति मंधाना (ICC)

भारतीय सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का कहना है कि सेशन के आखिरी ओवरों में खेलने का अनुभव ना होने की वजह से इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्टल में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय पारी लड़खड़ा गई।

गौरतलब है इंग्लैंड के खिलाफ ये मैच सात साल में भारतीय महिला टीम का पहला टेस्ट है। मिताली राज की अगुवाई वाले इस स्क्वाड में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं। ऐसे में अनुभव की कमी टीम की बड़ी समस्या है।

मंधाना और शेफाली वर्मा ने 167 रन की साझेदारी की। इससे पहले इंग्लैंड ने पहली पारी नौ विकेट पर 396 रन पर घोषित की थी। भारत ने पांच विकेट हड़बड़ी में गंवा दिए और अब उन्हें फॉलोआन खेलना पड़ रहा है।

तीसरे दिन बारिश के कारण खेल जल्दी खत्म होने के बाद मंधाना ने कहा, “दिन के आखिर में नाबाद रहने का थोड़ा दबाव होता है जिसका असर पड़ा होगा। ये अनुभव के साथ ही सीखेंगे।”

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उन्होंने कहा, “हम जितना ज्यादा टेस्ट मैच खेलेंगे , उतना ही हालात के अनुरूप ढल सकेंगे। लंच से ठीक पहले का एक ओवर या दिन का खेल समाप्त होने से पहले का ओवर, ये खेलने के लिए अधिक परिपक्वता चाहिए, दबाव से बचना होगा।”

स्टार बल्लेबाज ने कहा, “हमें 50 ओवर से आगे खेलने की आदत नहीं है लेकिन मैं टेस्ट मैच के अनुभव के अभाव के कारण आउट नहीं हुई। मैने आखिरी सेशन में अपना विकेट गंवा दिया।”

तीसरे दिन के आखिर में भारत का स्कोर एक विकेट पर 83 रन था और अभी भी पारी की हार से बचने के लिये उसे 82 रन बनाने हैं। मंधाना ने कहा, “हालात कुछ बदले हैं। हवा चल रही है लेकिन उतनी स्विंग नहीं है। बल्लेबाजी के लिये विकेट अच्छी है।”