We improved as humans, The lockdown period made us brutally honest: Krunal and Hardik Pandya
हार्दिक, कुणाल पांड्या (BCCI)

भारत के साथ साथ दुनिया भर में तेजी से फैल रही कोरोना वायरस महामारी की वजह से लोग पिछले एक साल के अपने घरों में बंद रहने पर मजबूर हैं। टीम इंडिया के प्रतिभाशाली ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या और उनके भाई क्रुणाल पांड्या भी अलग नहीं हैं। हालांकि इन दोनों भाईयों ने लॉकडाउन के समय का इस्तेमाल परिवार के साथ बिताने और अपने व्यक्तित्व में सुधार करने के लिए किया।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में हार्दिक ने कहा, “पिछले साल, इसने (लॉकडाउन से) हमें खुद के व्यक्तित्व में सुधार करने का मौका मिला। हम अपनी फिटनेस में सुधार कर पाए क्योंकि हमारे पास समय था और किस्मत से हमारे पास जिम है जहां हम कसरत कर सकते हैं।”

हार्दिक ने कहा, “साथ ही हमें एक दूसरे के साथ समय बिताने का मौका मिला। निजी तौर पर हम एक दूसरे के साथ बेहद ईमानदार हैं। इसलिए अगर क्रुणाल कुछ गलत करता है तो मैं उसे बताता हूं। अगर मैं कुछ गलत करता हूं तो वो मुझे बताता है।”

भारतीय ऑलराउंडर ने आगे कहा, “हमारे लिए ये सुधार करने का समय था और हमारे लक्ष्य बदल गए। हमारे पास इतना समय था कि हमने हर चीज के बारे में बात की, क्रिकेट से लेकर जिंदगी कर….हम बतौर शख्स भी सुधरे…लॉकडाउन ने हमें बेहद ईमानदार बनाया है।”

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पिछले साल लॉकडाउन के दौरान पांड्या ब्रदर्स को अपने पिता के साथ समय बिताने का मौका मिला, जिनका इस साल मार्च में निधन हो गया था।

उन्होंने कहा, “हमने हमेशा कहा है कि हम जो भी हैं और जहां भी हैं, वो हमारे पिता की मेहनत की वजह से हैं। जब मैं छह साल का था और हार्दिक तीन या चार साल का, हमने कभी भी भारत के लिए खेलने की कल्पना नहीं की थी। ये उनका सपना था। उन्होंने मुझे देखा और कहा- मेरे बच्चे भारत के लिए खेलेंगे।”