Will regret not scoring a century on Test debut but will do it next time: Shefali Verma
शेफाली वर्मा (Twitter)

भारत महिला टीम की युवा बल्लेबाज शेफाली वर्मा को टेस्ट डेब्यू पर शतक पूरा नहीं कर पाने का ‘हमेशा मलाल’ रहेगा लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में 96 रन की शानदार पारी खेलने वाली इस 17 साल की खिलाड़ी ने कहा कि इससे अगली बार अच्छा करने के लिए उनका मनोबल बढ़ा है।

शेफाली ने गुरूवार को ब्रिस्टल टेस्ट के दूसरे दिन 13 चौकों और दो छक्कों की मदद से 152 गेंद में 96 रन बनाए थे। भारत की ओर से टेस्ट डेब्यू पर बनाया गया ये अब तक का सर्वोच्च स्कोर है।

हालांकि टेस्ट डेब्यू पर शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज का खिताब हासिल करने से पहले शेफाली केट क्रॉस की गेंद पर बड़े शॉट के साथ शतक पूरा करने के चक्कर में कैच आउट हो गई।

दूसरे दिन के खेल के बाद शेफाली ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘शतक से चूकने पर बुरा महसूस करना स्वाभाविक है। मुझे इसका हमेशा पछतावा रहेगा, लेकिन ये पारी मुझे आने वाले मैचों में काफी आत्मविश्वास देगी। मैं अगली बार इसे शतक में बदलने की उम्मीद करूंगी।’’

England vs India, Only Test: शतक से चूकी शेफाली वर्मा, दूसरे दिन भारत 187/5

हरियाणा की खिलाड़ी ने बाद में ट्विटर के जरिए समर्थन और साथ देने के लिए सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, ‘‘मैं समर्थन और शुभकामनाओं के लिए आप सभी को धन्यवाद देना चाहती हूं। हर एक संदेश का जवाब देना संभव नहीं होगा। मुझे इस टीम का हिस्सा होने और टीम में इस तरह के अद्भुत साथियों और सहायक कर्मचारियों के होने पर गर्व है। मुझे पता है कि मेरे पिता, मेरा परिवार, मेरी टीम और अकादमी उन चार रनों की कमी को मुझसे ज्यादा महसूस करेंगे लेकिन मैं किसी दूसरे मौके पर उसे पूरा करूंगी। उन सभी ने मेरा काफी समर्थन किया है।’’

अपनी पारी के दौरान शेफाली ने टेस्ट डेब्यू पर 1995 में न्यूजीलैंड के खिलाफ चंद्रकांता कौल की 75 रन की पारी को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी भारतीय (महिला) पारी का रिकार्ड अपने नाम किया।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं जब भी किसी बड़े मैच या सीरीज में खेलने जाती हूं तो हमेशा आत्मविश्वास बनाये रखती हूं, मैं अपनी उम्र कभी नहीं गिनती हूं। मैं सिर्फ इस बारे में सोचती हूं कि अपनी टीम का समर्थन कैसे करूं और सर्वोत्तम संभव तरीके से कैसे योगदान करूं।’’

शेफाली ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (78) के साथ पहले विकेट के लिए 167 रन की साझेदारी कर भारतीय पारी की मजबूत नींव रखी। यह नया भारतीय रिकार्ड भी हैं । इससे पहले शुरूआती विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकार्ड गार्गी बनर्जी और संध्या अग्रवाल के नाम था जिन्होंने 1984 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई में 153 रन जोड़े थे।