टी-20 विश्व कप 2014 के फाइनल में खेली गई धीमी पारी के लिये युवराज की काफी आलोचना हुई © Getty Images
टी-20 विश्व कप 2014 के फाइनल में खेली गई धीमी पारी के लिये युवराज की काफी आलोचना हुई  थी© Getty Images

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिये टीम में वापसी करने वाले स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह ने टीम से बाहर रहने के दौरान अपने दर्द को बयान किया। युवराज सिंह ने कहा कि टी-20 विश्व कप 2014 के फाइनल में किया गया उनका खराब प्रदर्शन उनके जेहन में हमेशा रहा। युवराज सिंह ने कहा कि वह अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में फिर से अपना खोया हुआ मुकाम हासिल करेंगे। युवराज ने कहा कि उन्होने टीम से बाहर रहने के दौरान काफी मेहनत की है जिसका परिणाम उनको ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए सेलेक्ट होकर मिला। युवराज ने कहा कि उनका ध्यान अब सीरीज में बेहतर प्रदर्शन कर खुद की दावेदारी टी-20 विश्व कप 2016 के लिये प्रस्तुत करना है। ALSO READ: किरमानी को सीके नायडु लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

गौरतलब है कि श्रीलंका के खिलाफ टी-20 विश्व कप 2014 के फाइनल में युवराज ने 21 गेंद में 11 रन की पारी खेली थी और भारत ये फाइनल हार गया था। इस पारी के लिये युवराज सिंह की काफी आलोचना हुई थी और उनको टीम से अपना स्थान भी गंवाना पड़ा था। टी-20 विश्व कप 2007 और वनडे विश्व कप 2011 में भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले युवराज सिंह ने कहा कि अगर हमारी टीम 2007 टी-20 विश्व के कारनामे को दोहरा पायी तो ये हमारे लिये बहुत अच्छी बात होगी। ALSO READ: 2015 का अनकहा सितारा: केन विलियमसन

युवराज ने आगे कहा कि एक खिलाड़ी तब तक क्रिकेट खेलना चाहता है जब तक वो क्रिकेट का लुत्फ पूरी तरह से उठाता है। इस बात से कोई फर्क नही पड़ता कि आप घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं या अंतराष्ट्रीय क्रिकेट। हर क्रिकेटर के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब परिस्थितियां उसके साथ नहीं होती। लेकिन इस दौर से निकलना ही एक अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी की पहचान होती है। ALSO READ: धोनी की बेटी के साथ सुशांत की तस्वीरें