दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल (ICC World Test Championship) में भारत की हार की समीक्षा की है. मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि टीम इंडिया ने इस मैच में गलत बॉलिंग कॉम्बिनेशन चुना, जिसके चलते उसे हार का सामना करना पड़ा. सचिन ने कहा कि इसके अलावा दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा से कम बॉलिंग कराना भी भारत को भारी पड़ा.

टेस्ट और वनडे क्रिकेट में में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड रखने वाले तेंदुलकर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि पहले कुछ दिनों में धूप की कमी के कारण स्पिनर कभी खेल में नहीं आए. खासकर बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा, जिन्होंने पहली पारी में केवल 7.2 ओवर फेंके. जडेजा ने हालांकि छठे दिन दूसरी पारी में केवल 8 ओवर फेंके जब सूरज निकला हुआ था.

सचिन ने कहा, ‘देखिए जब आप पांच गेंदबाजों को लेकर खेलते हैं, तो यह असंभव है कि सभी पांच गेंदबाजों को समान ओवर मिले. यह उस तरह से काम नहीं करता है. आपको पिच की स्थिति, ओवरहेड की स्थिति, हवा से मिलने वाली मदद को ध्यान में रखना होगा. उसी के अनुसार आप फैसला करते हैं.

तेंदुलकर ने कहा कि उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को पहली पारी में जडेजा (7.2-2-20-1) की तुलना में अधिक ओवर (15-5-28-2) गेंदबाजी कराने के पीछे के तर्क को समझा, क्योंकि न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज द्वारा बनाए गए फुटमार्क थे. गेंदबाजों और विपक्ष के पास बाएं हाथ के बल्लेबाज थे. उन्होंने दूसरी पारी में जडेजा को बदकिस्मत बताया.

100 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने वाले एकमात्र खिलाड़ी ने कहा कि साउथम्प्टन की पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल है न कि स्पिनरों के लिए. तेंदुलकर ने कहा, अगर लोगों को समान अवसर नहीं मिला, तो इसका कारण यह था कि तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी. स्पिनरों के लिए पिचें हैं, तेज गेंदबाजों के लिए पिचें हैं. इसलिए आपको परिस्थितियों को समझना होगा.

भारत ने दो स्पिनरों और तीन पेसरों के साथ खेला, जबकि न्यूजीलैंड ने चौतरफा तेज आक्रमण किया. एक सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर कॉलिन डी ग्रैंडहोम ने पांचवें गेंदबाज के रूप में काम किया. भारत डब्ल्यूटीसी फाइनल में 8 विकेट से हार गया.

(इनपुट: आईएएनएस)