दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत के बाद जश्न मनाती भारतीय टीम © Getty Images
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत के बाद जश्न मनाती भारतीय टीम © Getty Images

ये तो सब जानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करना काटों समान होता है। पांच दिन तक चलने वाले खेल में आखिरी पारी में लक्ष्य का सफल पीछा करना बहुत बड़ी बात होती है और यह लगभग टेढ़ी खीर समान होता है। टेस्ट क्रिकेट खेल की असल पहचान है और खेल के इसी प्रारूप से टीम और खिलाड़ी की पहचान होती है। आज हम आपको बताएंगे उन टीमों के बारे में जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट की चौथी पारी में बेहतरीन खेल से लक्ष्य का आसानी से पीछा कर लिया और टीम को जीत दिला दी। आइए जानते हैं ऐसे ही दस मौकों पर जब टीम ने चौथी पारी में लक्ष्य का सफल पीछा किया।

10. वेस्टइंजीड: 348/5

27 फरवरी 1969 को न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट मैच खेला गया। गर्मी की शुरुआत में खेले गए मुकाबले में उस समय के नियम के मुताबिक चार दिन तक और 8 गेंदों का ओवर फेंका जाना था। वेस्ट इंजीड के गेंदबाज बेव कॉन्गडन और ब्रूस टेलर ने कीवी टीम को पहली पारी में 323 रनों पर ढेर कर दिया लेकिन कीवी टीम की शानदार गेंदबाजी के दम पर वेस्टइंडीज सिर्फ 276 रन ही बना सकी।

दूसरी पारी में कीवी टीम ने 297 रनों पर पारी घोषित कर दी और वेस्टइंडीज को जीत के लिए 348 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में चौथी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने विरोधी खेमे पर जमकर हल्ला बोला और सेमर नर्स के बेहतरीन 164 रनों की बदौलत लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।  ये भी पढ़ें: इंग्लैंड को हराने का ‘R-स्क्वॉयर’ प्लान

9. श्रीलंका: 353/9

कोलंबो में खेले गए श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के बाच खेले गए मैच को टेस्ट इतिहास के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जाता है। इस मुकाबले में श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीकी टीम को मात्र एक विकेट से हराने में सफलता पाई थी। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से पहली पारी में एश्वेल प्रिंस और एबीडी विलियर्स के शतकों की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने 350 का स्कोर खड़ा किया। जिसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 310 रनों पर सिमट गई और दक्षिण अफ्रीका को 40 रनों की बढ़त हासिल हो गई।

दूसरी पारी में बाउचर और गिब्स की पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने श्रीलंका के सामने 353 रनों की चुनौती रखी। दूसरी पारी में निकी बोज ने बेहतरीन गेंदबाजी की लेकिन एक छोर पर श्रीलंका के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज महिला जयवर्धने क्रीज पर टिक गए। जयवर्धने लगातार रन बना रहे थे और दूसरे छोर पर विकेट गिरते जा रहे थे। अंत में जयवर्धने भी 123 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज प्रसन्ना जयवर्धने और परवेज महरूफ ने श्रीलंका को 1 विकेट से रोमांचक जीत दिला दी।

8. ऑस्ट्रेलिया: 362/7

वेस्टइंडीज के गुयाना में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में मात्र 205 रन ही बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से बॉब स्ंपसन की शानदार पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया 286 रन बनाने में सफल रहा और पहली पारी के आधार पर 81 रनों की बढ़त बनाने में कामयाब रहा। दूसरी पारी में वेस्टइंडीज ने गजब का खेल दिखाया और लैरी गोमेज-बासिल विलियम्स के शतकों के दम पर 439 रन बना डाले। जवाब में दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी के आधार पर और अच्छा खेल दिखाया और ग्रेम वुट-क्रेग सर्जेंट के शतकों की बदौलत वेस्टइंडीज द्वारा दिए गए 362 रनों के लक्ष्य को आसानी से पा लिया।

7. ऑस्ट्रेलिया: 369/7

ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने बेहतरीन गेंदबाजी की और पाक टीम को मात्र 222 रनों पर ढेर कर दिया। जवाब में पहली पारी में कंगारू टीम की शुरुआत अच्छी रही लेकिन सकलेन मुश्ताक की फिरकी के सामने ऑस्ट्रेलिया की टीम 246 रन ही बना सकी और पहली पारी के आधघार 24 रनों की बढ़त बनाने में कामयाब रही।

दूसरी पारी में इंजमाम-उल-हक के शानदार शतक के दम पर पाकिस्तान की टीम ने ऑस्ट्रेलिया सामने विशाल स्कोर खड़ा कर दिया और ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 362 रनों का लक्ष्य रख दिया। जवाब में ऑस्ट्रेलिया के एक छोर पर विकेट गिरते जा रहे थे चो दूसरे छोर में लैंगर मैदान पर टिके थे। अंत में एडम गिलक्रिस्ट के 163 गेंदों में 149 रनों की पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा कर लिया।

6. पाकिस्तान: 382/3

पाकिस्तान की टीम श्रीलंका के दौरे पर थी और दोनों टीमों के बीच पालेकल में तीसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा था। पाकिस्तान ने पहली पारी में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर श्रीलंका की पहली पारी 278 रनों पर सिमट गई। हालांकि गेंदबाजी में श्रीलंका ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और पाकिस्तान को मात्र 215 रनों पर ढेर कर दिया और 63 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।

दूसरी पारी में कप्तान एंजेला मैथ्यूज ने शानदार शतक ठोक डाला और पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 377 रनों का लक्षिय रखा। चौथी पारी में 377 रनों का पीछा करना बहुत मुश्किल काम होता है। लेकिन पाक टीम नेूनिस खान और सलामी बल्लेबाज शान मसूद के शतकों के दम पर इस चुनौती को हासिल कर लिया। इसी के साथ पाकिस्तान ने श्रंखला को 2-1 से अपने नाम कर लिया। ये भी पढ़ें: मैं लोगों का मजाक बनाना नहीं जानता: वीरेंद्र सहवाग

5. भारत: 387/4

भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई में खेले गए मुकाबले में कप्तान केविन पीटरसन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। एंड्रू स्ट्रॉस के शतक और कुक-प्रायर के अर्धशतकों के दम पर इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 316 रन बनाए। जवाब में भारत की पहली पारी मात्र 241 रनों पर सिमट गई। इंग्लैंड ने भारत को जल्द समट कर अच्छी खासी बढ़त हासिल कर ली थी। दूसरी पारी में स्ट्रॉस ने फिर शतक जड़ा और साथ ही पॉल कॉलिंगवुड ने भी अपना सैकड़ा लगा डाला। जिसके दम पर इंग्लैंड टीम ने भारत के सामने जीत के लिए चौथी पारी में 387 रनों का लक्ष्य दिया। चौथी पारी में भारत के सामने चुनौती आसान नहीं थी। लेकिन सचिन तेंदुलकर के शतक ने भारत को कुछ हौसला जरूर दिया, जिसके बाद युवराज सिंह के 87 और सहवाग-गंभीर के अर्धशतकों के दम पर भारत ने लगभग असंभव से दिखने वाले लक्ष्य को हासिल कर लिया।

4. ऑस्ट्रेलिया: 404/3

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहली पारी में 496 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इंग्लैंड की तरफ से साइरिल वॉसब्रुक और बिल एडरिच ने शतक जड़ा था। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में नीव हार्वे-सैम हॉक्स्ट के शतकों के दम पर 458 रन बनाए। दूसरी पारी में इंग्लैंड टीम के शुरुआती चार बल्लेबाजों ने अर्धशतक जड़े और 365 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने डॉन ब्रेडमैन के 173 और आर्थर मॉरिस के 182 रनों की बदौलत लक्ष्य का आसानी से पीछा कर लिया और टीम को जीत दिला दी।

3. भारत: 406/3

वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की सबसे अप्रत्याशित जीतों में से एक थी। सर विवियन रिचर्ड्स के शतक के बदौलत व्सेटइंडीज ने पहली पारी में 359 रनों का स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारत की पहली पारी मात्र 228 रनों पर सिमट गई। दूसरी पारी में वेस्टइंडीज ने अपनी पारी 271 रनों पर घोषित कर दी और भारत के सामने जीत के लिए विशाल स्कोर 406 रन खड़ा कर दिया। चौथी पारी में भारत के लिए जीतना बेहद ही कठिन चुनौती लग रही थी और जब आपके सामने वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीम हो। लेकिन भारत ने हिम्मत नहीं हारी और सुनील गावस्कर के शतक और मोहिंदर अमरनाथ के अर्धशतक के दम पर भारत को अप्रत्याशित जीत दिला दी।

2. दक्षिण अफ्रीका: 414/4

दुनिया की सबसे तेज विकेट पर्थ पर खेला गया दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया का मैच काफी रोमांचक और ऐतिहासिक रहा था। साइमंड्स, कैटिच, क्लार्क, हैडिन की बेहतरीन बल्लेबाजी की दम पर कंगारू टीम ने पहली पारी में 375 रन बना डाले। वहीं गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को 281 रनों पर समेट दिया। दूसरी पारी में हैडिन के 94 रनों के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने 319 रन बनाए और अफ्रीका के सामने जीत के लिए 414 रनों का लगभग असंभव सा लक्ष्य रखा। जवाब में अफ्रीकी टीम ने पहली पारी की गलतियों से सबक लेते हुए दूसरी पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी की। अफ्रीकी टीम के ग्रीम स्मिथ और एबी डीविलियर्स ने शतक लगाए तो अमला, कैलिस और ड्यूमिनी ने अर्धशतक लगाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी।

1. वेस्टइंडीज: 418/7

वेस्टइंडीज के एंटिगुआ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए बेहद यादगार मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम ने कंगारुओं को चारों खाने चित कर दिया था। मैच काफी दिलचस्प था। दोनों टीमों ने अपनी पहली पारी में 240 रन बनाए थे। दूसरी पारी में पहली पारी के विपरीत देखने को मिला और ऑस्ट्रेलिया की टीम ने जस्टिन लैंगर-मैथ्यू हेडेन के शतकों के दम पर 417 रनों का विशाल स्कोर बना डाला। वेस्ट इंडीज को जीत के लिए 418 रन चाहिए थे।

चौथी पारी में इतना विशाल लक्ष्य का पीछा करना नामुमकिन सा होता है और ऐसा करना और मुश्किल हो जाता है जब आपका विरोधी ऑस्ट्रेलिया हो। लेकिन वेस्टइंडीज ने खुद पर भरोसा रखा और रामनरेश सरवन-शिवनारायन चंद्रपॉल के शतक के दम पर ये साबित कर दिया कि क्रिकेट को क्यों अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है। हार से ऑस्ट्रेलिया की टीम सदमे में थी और उन्हें ये पता नहीं चल पा रहा था कि उनसे गलती कहां हो गई।