हार्दिक पांड्या ने अपने छोटे से करियर में काफी नाम कमाया है © Getty Images
हार्दिक पांड्या ने अपने छोटे से करियर में काफी नाम कमाया है © Getty Images

भारतीय टीमकपिल देव के बाद से एक अच्छे ऑलराउंडर की खोज में लगी हुई है। बीच-बीच में कुछ उम्मीद जगी लेकिन वो बुझ भी गई। 1 अरब से अधिक की जनसंख्या वाले देश जहां करोड़ों क्रिकेट प्लेयर हैं के पास एक ऑलराउंडर नहीं है। मौजूदा दौर में लगभग हर टीम के पास एक स्पेशलिस्ट ऑलराउंडर है लेकिन भारतीय टीम में ये जगह खाली है, लेकिन अब ये जगह शायद ज्यादा दिनों तक खाली नहीं रहेगी। साल 2016 शायद भारतीय टीम की तकदीर बदलने आया है। टीम की ऑलराउंडर के लिए एक साथ तीन दावेदार मिले। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम में गुरकीरत सिंह मान, ऋृषि धवन और हार्दिक पांड्या को टीम में चुना गया। गुरकीरत और ऋृषि को कंगारू टीम के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने का मौका मिला लेकिन वो प्रभावित करने में नाकाम रहे, लेकिन हार्दिक पांड्या ने मिले मौके का फायदा उठाया और टी20 टीम में अपनी जगह बनाई।

टी20 सीरीज में कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने बड़ौदा के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को मौका दिया। लगातार 3 वाइड गेंद फेंकने के साथ अपना T20I करियर शुरू करने वाले पांड्या ने आत्मविश्वास हासिल करने के बाद मैच में 2 विकेट चटकाए। हालांकि पांड्या को उनकी पहली सीरीज में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। लेकिन श्रीलंका के खिलाफ दूसरी सीरीज के पहले ही मैच में उनको मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने का मौका मिला लेकिन वो नाकाम रहे और 2 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन दूसरे मैच में उन्होने अपने बल्ले की ताकत का प्रदर्शन करते हुए 12 गेंदों में 27 रन ठोंक दिये। ALSO READ: कब पूरी होगी स्पेशलिस्ट ऑलराउंडर की तलाश ?

बल्ले के साथ-साथ उन्होने अपनी गेंदबाजी से भी प्रभावित किया। एशिया कप के पहले मुकाबले में 1 विकेट चटकाने के अलावा उन्होने तेज 31 रन बनाकर अपने कप्तान से तारीफ भी बटोरी। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होने गेंदबाजी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 8 रन देकर 3 विकेट चटकाए। टी20 क्रिकेट में उन्होने जिस तरह का प्रदर्शन अभी तक किया है उससे देखकर ये कहा जा सकता है कि पांड्या के अंदर इंटरनेशनल लेवल पर अपने आप को साबित करने का दमखम है। ALSO READ: भारत के जाक कैलिस बनना चाहते हैं हार्दिक पांड्या

कपिल देव जैसे महान ऑलराउंडर से इतनी जल्दी उनकी तुलना बेमानी होगी लेकिन अपने छोटे से करियर में पांड्या ने बहुत बड़े-बड़े लोगों को प्रभावित किया है। कप्तान धोनी उनके बड़े शाट लगाने की प्रतिभा के कायल है। टी20 क्रिकेट में उनका बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट 150 से ऊपर का है जो बताता है कि वो कितने विस्फोटक बल्लेबाज है। 8 टी20 मुकाबलों में उनके हिस्से में 7 विकेट भी है जो उनको एक सफल गेंदबाज भी बनाती है। सबसे बड़ी बात उनके खेल में हर मैच के साथ सुधार देखने को मिला है। तो कुल मिलाकर देखें तो पांड्या के अंदर एक अच्छे ऑलरांउडर के गुण मौजूद है। बस जरूरत है उनको सही ढ़ंग से तराशने की।