इंग्लैंड को भारत दौरे पर पांच टेस्ट मैच खेलने हैं © Getty Images
इंग्लैंड को भारत दौरे पर पांच टेस्ट मैच खेलने हैं © Getty Images

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली है। पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच 9 नवंबर से राजकोट में खेला जाएगा। इंग्लैंड की टीम बेहद की मजबूत दिख रही है। टीम ने विश्वकप 2015 की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए उसके बाद खेल के तीनों ही फॉर्मेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं। इससे पहले जब इंग्लैंड ने साल 2014 में भारत का दौरा किया था तो उसने टेस्ट सीरीज में भारत को पटखनी दे दी थी। इस लिहाज से इंग्लैंड टीम के इरादे बेहद मजबूत होंगे। आज हम आपको बताएंगे इंग्लैंड के उन पांच खिलाड़ियों के बारे में जो किसी भी क्षण मैच का रुख बदल सकते हैं और भारतीय जमीन पर उसे एक बार फिर जीत दिला सकते हैं।

5. मोइन अली:

इस बात से कोई अनजान नहीं है कि भारत में पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए स्वर्ग के समान होती हैं। भारतीय पिचों पर फिरकी गेंदबाज जमकर विकेट चटकाते हैं। गेंद पहले ही दिन से घूमना शुरू कर देती है। ऐसे में इंग्लैंड के पास एक ऐसा हथियार है जो पहले भी भारतीय टीम के लिए मुसीबतें खड़ी कर चुका है। 2014 में मोइन अली ने भारतीय टीम को बहुत परेशान किया था। पिछली बार महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने मोइन अली को हल्के में ले लिया था। इस पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर ने भारतीय बल्लेबाजों से इसकी भारी कीमत भी वसूली थी। इस सीरीज के बाद से अली इंग्लैंड टीम की गेंदबाजी क्रम का अहम हिस्सा हैं।  साथ ही मोइन अली बल्लेबाजी में भी टीम के लिए बहुत फायदेमंद हैं। ऐसे में मोइन अली भारतीय टीम के लिए सिरदर्दी का कारण बन सकते हैं। वहीं मोइन अली की बात करें तो उन्होंने 32 मैचों में 88 विकेट झटके हैं। वहीं भारत के खिलाफ अली ने पांच मैचों में 19 विकेट हासिल किए हैं। तो कह सकते हैं मोइन अली भारत के खिलाफ और आक्रामक होकर गेंदबाजी करते हैं। ये भी पढ़ें: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में इन पांच खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका

4. जॉनी बेयरस्टो:

जॉनी बेयरस्टो इंग्लैंड टीम के लिए किस कदर अहम हैं ये उनके इस साल के रिकॉर्ड से पता लगाया जा सकता है। साल 2016 के टेस्ट बल्लेबाजों की बात की जाए तो इंग्लैंड का यह बल्लेबाज सबसे आगे है। इंग्लैंड के लिए यह खिलाड़ी किसी तुरुप के इक्के से कम नहीं होगा। जब उन्हें जॉस बटलर की जगह पर इंग्लैंड टीम में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज शामिल किया गया तो लोगों को बहुत हैरानी हुई लेकिन बेयरस्टो ने अपने खेल से सभी को खामोश कर दिया। बेयरस्टो की बल्लेबाजी में काफी कलात्मकता नजर आती है और उनका प्रतिभावान होना टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। बांग्लादेश में स्पिनर्स के खिलाफ उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन भारतीय विकेटों पर क्वॉलिटी स्पिन आक्रमण को खेलना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।

बेयरस्टो ने अब तक 33 टेस्ट में 40 की औसत के साथ 2083 रन बनाए हैं। इस दौरान बेयरस्टो ने 3 शतक और 11 अर्धशतक लगाए हैं। भारत के खिलाफ बेयरस्टो को अब तक सिर्फ एक ही मैच खेलने का मौका मिला है एक पारी में मात्र 9 ही रन बनाए थे। लेकिन साल 2016 की बात करें तो बेयरस्टो ने बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए 12 मैचों में अपने करियर की औसत से बहुत आगे निकलते हुए 65 की औसत के साथ 1,118 रन बनाए हैं। इस दौरान करियर के तीनों ही शथक साल 2016 में बेयरस्टो के बल्ले से निकले हैं साथ ही उन्होंने 5 अर्धशतक भी 2016 में जड़े हैं। तो कह सकते हैं कि बेयरस्टो गजब की फॉर्म में हैं और वह भारत के लिए एक चुनौती साबित हो सकते हैं।

3. स्टुअर्ट ब्रॉड:

यह एक ऐसा गेंदबाज है जो किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इंग्लैंड टीम की जीत का भार अपने कंधों पर लिए ब्रॉड ने टीम को कई बार हार के मुंह से निकालकर जीत के दरवाजे तक पहुंचाया है। एंडरसन के साथ ब्रॉड की जोड़ी शेर और चीते समान खूंखार हो जाती है। लेकिन भारत के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के पहले चीन मैचों में जेम्स एंडरसन चोट की वजह से बाहर हैं। लेकिन ब्रॉड एंडरसन की कमी को खलने नहीं देंगे और टीम के लिए एक बार फिर मैच जिताऊ खिलाड़ी साबित होंगे। ब्रॉड अपनी स्विंग से बड़े से बड़े बल्लेबाज के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। ब्रॉड के पास गति, स्विंग और रिवरस्विंग का अभूतपूर्ण मिश्रण हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को स्टुअर्ट ब्रॉड से थोड़ा बचकर रहने की जरूरत होगी।

ब्रॉड के करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक 99 टेस्ट में 360 विकेट हासिल किए हैं। उनका सर्वोच्च एक पारी में आठ खिलाड़ियों को आउट करने का है। वहीं ब्रॉड ने पारी में 15 दफा पांच और 13 दफा 4 विकेट हासिल किए हैं। आंकड़े बताने के लिए काफी हैं कि ब्रॉड किस कदर खतरनाक हैं। वहीं भारत के खिलाफ ब्रॉड की गेंदें और भी खतरनाक हो जाती हैं। भारत के खिलाफ ब्रॉड ने अब तक खेले गए 12 मैचों में 46 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान ब्रॉड ने 2 बार पारी में पांच विकेट भी हासिल किए हैं। साथ ही भारत के खिलाफ ब्रॉड की सबसे अच्छी गेंदबाजी 6 विमकेट हासिल करना रहा है। वहीं साल 2016 की बात करें तो ब्रॉड ने अब तक खेले गए 11 मैचों में पारी में 6 विकेट के सर्वोच्च के साथ कुल 40 विकेट झटक चुके हैं। स्टुअर्ट ब्रॉड जब भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में खेलने उतरेंगे तो यह टेस्ट उनके करियर का सौंवा टेस्ट होगा। ऐसे में ब्रॉड अपने सौंवें टेस्ट को यादगार बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे। तो ब्रॉड के लिए कह सकते हैं कि उनके पास मौका भी है और दस्तूर भी बस समय है तो उनके मैदान पर उतरने का। ये भी पढ़ें: 1984 में जब आधी सीरीज छोड़कर पाकिस्तान से भारत लौटी भारतीय टीम

2. एलेस्टर कुक:

एलेस्टर कुक टेस्ट क्रिकेट के बेहतरीन बल्लेबाज हैं। कुक इंग्लैंड टीम के कप्तान भी हैं ऐसे में वह दोनों जिम्मेदारी (बल्लेबाजी और कप्तानी) बखूबी निभा रहे हैं। एलेस्टर कुक बल्ले से बेहतरीन फॉर्म में हैं और बांग्लादेश के दौरे पर उन्होंने अच्छा खेल दिखाया था। ऐसे में कुक से टीम को हमेशा बेहतरीन खेल की उम्मीद रहती है। एलेस्टर कुक टीम के सबसे अनुभवी और प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। क्रिकेट पंडितों की मानें तो टेस्ट में अगर सचिन के रिकॉर्डों को कोई तोड़ सकता है तो उसके इर्द-गिर्द सिर्फ एलेस्ट कुक ही नजर आते हैं। एलेस्टर कुक अपने कंधों पर कई तरह के भार लिए हुए भारत के खिलाफ 9 नवंबर को पहले टेस्ट में उतरेंगे तो उनका इरादा साल 2014 के इतिहास को दोहराने का होगा।

एलेस्टर कुक के करियर की बात करें तो कुक ने एब तक 135 टेस्ट में 10,668 रन बनाए हैं। कुक ने इस दौरान 29 शतक और 52 अर्धसतक ठोके हैं। वहीं कुक का सर्वोच्च स्कोर 294 रन है। वहीं भारत के खिलाफ कुक के आंकड़ों की बात करें तो कुक ने भारत के खिलाफ 20 टेस्ट में 54 की औसत से 1,735 रन बनाए हैं। कुक ने भारत के खिलाफ पांच शतक और सात अर्धशतक जड़े हैं। गौर करने वाली बात यह है कि भारत के खिलाफ कुक का औसत अपने करियर के औसत से भी ज्यादा हो जाता है। वहीं साल 2016 में कुक ने 12 मुकाबलों में 56 की औसत के साथ 901 रन बनाए हैं। इस दौरान कुक ने 1 शतक और 6 अर्धशतक जड़े हैं। तो तह सकते हैं कि अगर भारत को इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज करनी है तो कुक को उन्हें जल्दी पवेलियन भेजना होगा।

1. जो रूट:

जो रूट एक ऐसा नाम जो मौजूदा पीढ़ी के सबसे योग्य और प्रतिभावान खिलाड़ियों की सूची में आता है। जो रूट खेल के हर फॉर्मेट में इंग्लैंड के सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ी हैं। टेस्ट हो या वनडे या फिर टी-20 जो रूट जानते हैं उन्हें अपने खेल को कैसे निखारना या कैसे बदलना है। अक्सर जो रूट और विराट कोहली की तुलना की जाती है। ऐसे में सीरीज में रूट और विराट के प्रदर्शन पर सबकी नजरें टिकी होंगी। सीरीज में रूट और कोहली के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिलेगी।

जो रूट ने अब तक 48 टेस्ट में 53 की शानदार औसतस के साथ 4,103 रन बनाए हैं। इस दौरान रूट ने 10 शतक और 23 अर्धशतक जड़े हैं। रूट का सर्वोच्च स्कोर 254 रन रहा है। वहीं भारत के खिलाफ रूट ने अब तक 6 मैचों में अपने करियर के दोगुने औसत 101.83 के साथ 611 रन बनाए हैं। रूट ने भारत के खिलाफ 2 शथक और 4 अर्धशतक लगाए हैं। इस दौरान रूट का सर्वोच्च स्कोर 154 पर नाबाद रहा है। साफ है भारत के खिलाफ रूट का बल्ला आग उगलता है और अगर भारत को जीत दरिज करनी है तो रूट को उखाड़ फेंकना होगा। वहीं साल 2016 की बात करें तो रूट ने 12 मैचों में 49 की औसत से 986 रन बनाए हैं और उन्होंने 2 शतक, 6 अर्धशतक लगाए हैं।