आशीष नेहरा ने टी-20 में जमकर धमाल मचाया है © Getty Images
आशीष नेहरा ने टी-20 में जमकर धमाल मचाया है © Getty Images

हाल ही में पाकिस्तान के सबसे बेहतरीन और तलात्मक बल्लेबाज यूनुस खान ने अपना जन्मदिन मनाया। यूनुस खान अब 38 साल के हो चुके हैं और अभी वह पाकिस्तान के लिए सबसे बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक हैं। साथ ही यूनुस सबसे ज्यादा उम्र में क्रिकेट खेलने वाले प्लेयर्स की लिस्ट में तीसरे नंबर पर आ गए हैं। 29 नवंबर 1977 को पाकिस्तान के मरदान में जन्में यूनुस ने 2000 में श्रीलंका के खिलाफ अपना डेब्यू मैच खेला था। यूनुस के अलावा दुनियाभर में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो संन्यास लेने की उम्र में ना सिर्फ खेल रहे हैं बल्कि अपनी टीम के लिए उपयोगी भी साबित हो रहे हैं। तो आइए नजर डालते हैं ऐसे ही खिलाड़ियों पर।

9. गैरेथ बैटी: इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी गैरेथ बैटी 39 साल के हैं और वह मौजूदा भारत दौरे पर इंग्लैंड टीम का हिस्सा हैं। गैरेथ बैटी ने साल 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था। बैटी ने अपने पहले टेस्ट में 2 विकेट और पहली पारी में 19 रन बनाए थे। वहीं बैटी के अब तक के टेस्ट करियर की बात करें तो बैटी ने 9 मैचों में 149 रन बनाए हैं जिसमें 2 अर्धशतक जड़े हैं। इस दौरान बैटी ने 15 विकेट भी झटके हैं। वहीं साल 2016 की बात करें तो बैटी ने साल 2016 में 2 मैचों में सिर्फ 5 रन बनाए हैं। और चार विकेट झटके हैं। ये भी पढ़ें: हसीब हमीद ने भारतीय कप्तान विराट कोहली से सीखे बल्लेबाजी के गुर

8. जुलफिकर बाबर: पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज जुलफिकर बाबर 37 साल और 356 दिन के हैं मतलब वह लगभग 38 साल के होने जा रहे हैं। जुलफिकर बाबर ने अब तक खेले गए 15 टेस्ट मैचों में 54 विकेट झटके हैं। और बाबर ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में यानी आज से 3 साल पहले किया था। बाबर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में बेहतरीन गेंदबाजी की थी और मैच में कुल 5 विकेट झटके थे साथ ही पाकिस्तान ने उस मुकाबले को जीत लिया था। वहीं साल 2016 की बात करें तो बाबर ने साल 2016 में 2 मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 3 विकेट झटके। साफ है 38 साल की उम्र में भी बाबर बल्लेबाजों के लिए खतरा हैं।

7. रंगना हेराथ: श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज रंगना हेराथ फिलहाल 38 साल के हैं और आगामी मार्च में वह 39 के हो जाएंगे। रंगना ने अपना पदार्पण साल 1999 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया और उन्होंने एक पारी में 4 विकेट झटके थे जबकि दूसरी पारी में उन्हें गेंदबाजी का मौका नहीं मिला था। हेराथ के करियर की बात करें तो उन्होंने 75 मैचों में 351 झटके हैं। हेराथ ने 28 बार 5 विकेट और 7 बार 10 विकेट लिए हैं। वहीं साल 2016 की बात करें तो हेराथ ने 8 मैचों में कुल 54 विकेट लिए हैं। हेराथ आज भी श्रीलंका के लिए जीत की गारंटी हैं और वह अपनी फिरकी से विरोधियों पर भारी पड़ते हैं।

6. एडम वोजस: ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज एडम वोजस की उम्र 37 साल है। वोजस ने साल 2013 में अपने टेस्ट करियर का आगाज वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था। वोजस ने पहली गही टेस्ट मैच में नाबाद 130 रन बनाए थे और साथ ही वह मैन ऑफ द मैच भी बने थे। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को हरा दिया था। हालांकि दूसरी पारी में वोजस को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था लेकिन पहली पारी में नाबाद शतक ठोककर उन्होंने दर्शा दिया था कि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए लंबी पारी खेलने वाले हैं। वोजस के करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक खेले गए 20 मैचों में 61 की बेहतरीन औसत के साथ 1,485 रन बनाए हैं। वोजस का सर्वश्रेष्ठ नाबाद 269 रन रहा है। साल 2016 की बात करें तो वोजस ने 8 मैचों में 38 की औसत के साथ 457 रन बनाए हैं। वोजस ने ऑस्ट्रेलिया को कई मुकाबलों में जीत दिलाई है।

5. यूनुस खान: पाकिस्तान के 39 साल के स्टाइलिश बल्लेबाज यूनुस खान पाकिस्तान के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। यूनुस ने अपने टेस्ट करियर का आगाज साल 2000 में श्रीलंका के खिलाफ किया था। यूनुस पहली पारी में फ्लॉप रहे थे लेकिन उन्होंने दूसरी पारी में शानदार शतक ठोककर बता दिया था कि वह पाकिस्तान के लिए बहुत बेहतरीन खिलाड़ी साबित होने वाले हैं। हालांकि पाकिस्तान उस मुकाबले को बेहद ही कम अंतर 2 विकेट से हार गया था। यूनुस ने अब तक अपने करियर में 112 मैचों में 52 की शानदार औसत के साथ 9,679 रन बनाए हैं और उनके नाम 33 शतक दर्ज हैं। वहीं साल 2016 की बात करें तो यूनुस ने 8 मैचों में 40 की औसत के साथ 563 रन बनाए हैं। यूनुस ने साल 2016 में 2 शतक जड़े हैं। युनुस अभी भी पाकिस्तान के सबसे बड़े मैच विनर हैं।

4. मिस्बाह उल हक: लिस्ट में पाकिस्तान के एक और क्रिकेटर ना सिर्फ क्रिकेटर बल्कि पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान मिस्बाह उल हक। मिस्बाह की उम्र 42 साल है और अभी भी वह पाकिस्तान के लिए सबसे बड़े खिलाड़ी के तौर पर साबित हो रहे हैं। हालात यह हैं कि पीसीबी ने मिस्बाह से 2018 तक कप्तानी करने का आग्रह किया है। मिस्बाह ने साल 2001 में अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था। मिस्बाह ने अपने पहले मैच में 28, 10 रनों की पारी खेली थी। लेकिन पाकिस्तान ने उस मैच को 299 रनों से अपने नाम किया था। मिस्बाह के करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक 69 मैचों में 47 की औसत के साथ 4,875 रन बनाए हैं। मिस्बाह के नाम 10 शतक हैं। वहीं साल 2016 की बात करें तो मिस्बाह ने 8 मैचों में 40 की औसत के साथ 523 रन बनाए हैं और एक शतक भी लगाया है। मिस्बाह की कप्तानी में पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास में पहली बार आईसीसी रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंचने में कामयाब रही थी।

3. इमरान ताहिर: आगामी मार्च में 38 साल के होने जा रहे इमरान ताहिर दक्षिण अफ्रीका के सबसे बेहतरीन स्पिनर हैं। ताहिर को खेलना विरोधी बल्लेबाजों के लिए टेढ़ी खीर साबित होता है। ताहिर ने साल 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था। हालांकि पहले टेस्ट में ताहिर को कोई भी विकेट नहीं मिला था लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने उस मुकाबले को 8 विकेट से अपने नाम किया था। इसके बाद ताहिर ने अपने करियर में 20 मैचों में 57 विकेट हासिल किए और मैच दर मैच दक्षिण अफ्रीका के लिए मैच विनर बनते गए। ताहिर ने अपनी फिरकी में बड़े से बड़े बल्लेबाज को फंसाया है और उन्हें पढ़ना कतई आसान नहीं होता।  ये भी पढ़ें: तीसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम की जीत के चार नायक

2. क्रिस गेल: बोर्ड से विवाद के कारण लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे क्रिस गेल की उम्र 37 है। लेकिन गेल के छक्कों को देखकर लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ उनके छक्कों की लंबाई भी बढ़ती जा रही है। साल 2003 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले गेल ने अपने पहले मैच में 33, 0 रन बनाए थे लेकिन वेस्टइंडीज ने उस मुकाबले को जीतने में कामयाबी पाई थी। इसके बाद गेल अपने आक्रामक क्रिकेट से दुनियाभर में जाना माना चेहरा बन गए। गेल ने अपने टेस्ट करियर में 103 मैचों में 42 की औसत के साथ 7,214 रन बनाए हैं। गेल के नाम 15 शतक हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 333 रन रहा है। गेल 2 साल से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हैं। लेकिन टी-20 में उन्होंने अपनी टीम को दो बार चैंपियन बनाया है। गेल ने यह साबित कर दिया कि बोर्ड ने उन्हें बाहर रख कर वेस्टइंडीज क्रिकेट का ही नुकसान किया है। गेल भले ही राष्ट्रीय टीम का हिस्सा ना हों लेकिन वह दुनियाभर में टी-20 लीग में अपने बल्ले का जलवा बिखेर रहे हैं।

1. आशीष नेहरा: अपनी स्विंग से बड़े से बड़े बल्लेबाजों के खतरा रहे आशीष नेहरा आगामी अप्रैल में 38 साल के हो जाएंगे। नेहरा ने अपने टेस्ट करियर का आगाज साल 1999 में किया था। नेहरा ने अपने पहले टेस्ट मैच में एक ही विकेट लिया था। नेहरा का टेस्ट करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और लगातार चोटिल रहने के कारण वह साल 2004 में टेस्ट से बाहर हो गए। वनडे में भी नेहरा लगातार चोटिल रहने लगे और भारतीय टीम से अंदर-बाहर रहने लगे। लेकिन टी-20 में नेहरा ने जबर्दस्त वापीस की और अपनी सटीक लाइन-लेग्थ और स्विंग से काफी किफायती साबित होने लगे। नेहरा ने 23 टी-20 में 31 विकेट अपने नाम किए।वहीं साल 2016 में नेहरा ने 15 मैचों में 18 विकेट चटकाए। तो कह सकते हैं कि टी-20 ने नेहरा को नया आयाम दिया।