© Getty Images
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कहते हैं क्रिकेट अनिश्चिताओं का खेल है और यह काफी  हद तक सच भी है। मैदान पर कभी ज्यादा रन तो कभी कम रनों के स्कोर भी बनते है। चौकों और छक्कों की मैदान पर बारिश भी होती है बल्ले से तेजी से रन भी बनते है। मैदान के हर जगह गेंद जाती है कभी कभी तो इन बल्लेबाजों द्वारा काफी तेजी से मारा गया शॉट सीधे अंपायर के पास से होकर गुजरता है तो कभी कभी इनके द्वारा लगाये गए शॉट्स अंपायर को भी लग जाते हैं। बल्लेबाजों द्वारा खेले गए तेज और सीधे शॉट्स से बचने के लिए अंपायरों के पास बहुत कम समय होता है लेकिन कभी कभी  अंपायर इतने खुशकिस्मत नही होते है और गेंद सीधे अंपायर को लग जाती है जिससे ये चोटिल हो जाते हैं। ये भी पढ़ें: बल्लेबाजों का खौंफ, अंपायर हुए हैलमेट लगाने को मजबूर

क्रिकेट अंपायर को बल्लेबाजों के कतिलाना शॉट्स से खुद को बचाने के लिए हैलमेट का सहारा लेना पड़ा © Getty Images
क्रिकेट अंपायर को बल्लेबाजों के कतिलाना शॉट्स से खुद को बचाने के लिए हैलमेट का सहारा लेना पड़ा © Getty Images

आईसीसी के अंपायर कार्ल वेंटजेल ने कहा था कि आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाज पहले से ज्यादा आक्रामक हो गए हैं जिससे कि मैदान पर अंपायरों केे चोटिल होने की आशंकाएं ज्यादा बढ़ गई हैं इसीलिए आईसीसी को अंपायरों को हैलमेट पहनने की इजाजत देनी चाहिए। आपको बता दें कि वेंटजेल ऑस्ट्रेलिया के घरेलू टूर्नामेंट में हेलमेट पहनकर ही अंपायरिंग करते है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही बिग बैश सीरीज के दौरान गेडार्ड एबूड नामके अंपायर अंपायरिंग करते वक्त हैलमेट लगाकर अंपायरिंग करते नजर आए थे। पिछले दिनों एबूड के स्वदेशवासी जॉन वार्ड दिसंबर 1 को पंजाब और तमिलनाडु के बीच खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी मैच की अंपायरिंग के दौरान घायल हो गए थे। इसके बाद ही उन्होंने क्रिकेट मैदान पर हैलमेट लगाकर अंपायरिंग करने का  निर्णय लिया। घरेलू क्रिकेट में अंपायरों के द्वारा हैलमेट के इस्तेमाल को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि हैलमेट का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी  जल्द ही किया जाएगा। ये भी पढ़ें: जानिए भारतीय टेस्ट क्रिकेट के पहले कप्तान सी. के. नायडू के बारे में

ऐसा क्या हुआ कि अंपायर ने क्रिकेट मैदान पर की हैलमेट पहनने की मांग?: आईसीसी के अंपायर कार्ल वेंटजेल 2001 में एक मैच में अंपायरिंग के दौरान घायल हो गए थे। उस मैच के दौरान इनके 5 दांत टूट गए थे, जिसके लिए उन्हें ऑपरेशन करवाना पड़ा था जिसका मलाल उन्हें आज भी है। इस घटना के बाद उन्होंने आईसीसी से मांग की थी कि उन्हें अंपायरों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाने चाहिए। आईसीसी को सुरक्षा के लिहाज से अंपायरों को भी हैलमेट पहनने की इजाजत देनी चाहिए। बहरहाल अभी अंपायरों को घरेलू मैचों में हैलमेट पहनकर अंपायरिंंग करने की इजाजत है। ये भी पढ़ें: सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को टक्कर देगा इस पाकिस्तानी क्रिकेटर का बेटा

उन्होंने कहा था कि अब क्रिकेट पहले से कहीं अधिक मजबूत बल्लों के साथ खेला जाता है, जो काफी वजनी होते हैं और बल्लेबाज भी पहले से कहीं अधिक आक्रामकता से प्रहार करने लगे हैं। आपको किधर हटना है यह सोचने के लिए बहुत कम समय होता है।  हैलमेट पहनकर सच में आप सुरक्षा की चिंता से मुक्त होकर अंपायरिंग कर सकते हैं। आपको बता दें कि पिछले वर्ष इसी तरह इजरायल के एक अंपायर हिलेल ऑस्कर की स्टंप से टकराकर लौटी गेंद सिर में लग जाने से मौत हो गई थी।
वेंटजेल ने कहा कि वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल ने उनसे कहा था कि उनकी निगाह हमेशा फॉरवर्ड लाइन पर खड़े अंपायर पर होती है, क्योंकि गेल इस बात से डरे रहते हैं कि उनके बल्ले से छूटी गेंद अंपायर को कितना नुकसान पहुंचा सकती है।