कुंबलले-कोहली © AFP
कुंबले-कोहली © AFP

टीम इंडिया के हेड कोच पद से अनिल कुंबले ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफा देने के बाद से तरह-तरह की बातें निकलकर आ रही हैं। पहले तो विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच मनमुटाव की बातें सामने आई थीं और अब पता चला है कि टीम इंडिया के आधे से ज्यादा खिलाड़ी कुंबले के रवैए से खुश नहीं थे। बीसीसीआई की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) ने चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के दौरान कोच के संबंध में खिलाड़ियों से फीडबैक लिए थे। इस दौरान अनिल कुंबले के पक्ष में एक खिलाड़ी भी नहीं था। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिली है कि कुंबले के कोच रहते हुए कुछ खिलाड़ियों ने उनके द्वारा स्थापित नियमों को मानने से इंकार कर दिया था।

एक सूत्र ने बताया, “कुंबले ने अपने पहले दौरे के दौरान पिछले साल कुछ नियम बनाए थे, जिन्हें चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान नकार दिया गया।” वेस्टइंडीज जाने के पहले टीम इंडिया के एक सदस्य ने कुंबले के बारे में बताया था, “वह खिलाड़ियों पर ज्यादा दबाव बना रहे थे।” कुंबले, जिन्होंने मंगलवार को हेड कोच के पद से इस्तीफा दे दिया, वह जाहिरतौर पर खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव बना रहे थे। जाहिर है कि खिलाड़ियों से उन्हें ज्यादा ही उम्मीदें रही होंगी। जिससे ड्रेसिंग रूम में तनाव पैदा हो गया।

यह भी समझा जा सकता है कि जब तीन सदस्यीय क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी टीम के करीब 10 खिलाड़ियों से मिली, उनमें एक भी खिलाड़ी कुंबले के कोच रहने के पक्ष में नहीं था। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक कुंबले के समय में रवि शास्त्री के समय से खिलाड़ियों को कम स्वतंत्रता दी गई थी। शास्त्री टीम इंडिया के डायरेक्टर पद पर 2014, 2015-16 में रहे। ये भी पढ़ें: अनिल कुंबले-विराट कोहली विवाद पर बीसीसीआई ने उठाया बड़ा कदम

गौर करने वाली बात ये है कि पिछले साल जब रवि शास्त्री कोच बनने को पूरी तरह से तैयार थे तभी गांगुली ने कुंबले को आवेदन करने को कहा था। वहीं कुंबले के कोच पद से इस्तीफा देने के कुछ दिन पहले खिलाड़ी बैटिंग कोच संजय बांगड़ से ज्यादा बात करते नजर आए थे। जाहिर है कि कुंबले को वहीं से किनारे कर दिया गया था। वैसे कोच और खिलाड़ियों के बीच बात न बनने का यह पहला मामला नहीं है बल्कि साल 1996 में जब संदीप पाटिल को टीम इंडिया का कोच बनाया गया था तो उनकी खिलाड़ियों के साथ नहीं बनी और 6 महीने में ही उन्हें कोच पद से हटा दिया गया था उनके बाद एस मदन लाल टीम इंडिया के कोच बने थे। वहीं उसके बाद गांगुली और ग्रेग चैपल के बीच साल 2005 में खासा विवाद हुआ जिसने भारतीय क्रिकेट में भूचाल ला दिया था।