Ab de Villiers: Self belief makes Mumbai Indians and Chennai Super Kings different from other teams
MI vs CSK @ BCCI

दिग्‍गज बल्‍लेबाज एबी डीविलियर्स का मानना है कि चेन्‍नई और मुंबई के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले में टॉस जीतने वाली टीम को गेंदबाजी की जगह पहले बल्‍लेबाजी करने का फैसला लेना चाहिए। फाइनल के दबाव में बड़ा लक्ष्‍य बनाना आसान नहीं होगा। डीविलियर्स ने चेन्‍नई और मुंबई आईपीएल का सीरियल विनर करार दिया।

टाइम्‍स ऑफ इंडिया के अपने लेख में डीविलियर्स ने कहा, “फाइनल मुकाबला हैदराबाद में होने वाला है। यहां की विकेट अक्‍सर बल्‍लेबाजी के लिए काफी अच्‍छी रहती है। ये 200 से ज्‍यादा रन बनने वाला ट्रैक है। अन्‍य मौकों पर 150 रन जीत के लिए यहां काफी होते हैं। आमतौर पर टीमें टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करती हैं। इस ट्रेंड को तोड़ते हुए फाइनल में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्‍लेबाजी करना चाहेगी। दोनों टीमों की कोशिश होनी चाहिए कि पहले बल्‍लेबाजी करते हुए 180 से ज्‍यादा रन बनाए। कुछ कारणों से रन चेज करना फाइनल में हमेशा ही मुश्किल रहता है।”

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डीविलियर्स ने कहा, “आईपीएल 2019 के अंतिम मुकाबले में तमाम उतार चढ़ाव के बावजूद इस टूर्नामेंट की सबसे दो कामयाब टीमें एक बार फिर फाइनल में पहुंची हैं। दोनों ही टीमें आईपीएल की सीरियल विनर हैं। एक तरफ चेन्‍नई है जो साल 2010, 2011 और 2018 में खिताब जीती है। वहीं, मुंबई ने साल 2013, 2015 और 2017 में खिताब पर कब्‍जा किया।”

डीविलियर्स ने कहा, “दोनों टीमों में जन्‍मजात आत्‍मविश्‍वास दिखता है। चाहे जैसी भी स्थिति हो ये दोनों टीमें अपने प्‍लान पर ही काम करती हैं और प्रेशर में अच्‍छा कर अपनी टीम को जीत दिलाती हैं।”

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उन्‍होंने कहा, “मुंबई की टीम पांचवीं बार आईपीएल का फाइनल मुकाबला खेलने वाली है। जिसमें से दो बार उसने फाइनल में चेन्‍नई को हराकर खिताब पर कब्‍जा किया है। साल 2017 में चेन्‍नई की टीम आईपीएल में नहीं खेली थी। मुंबई ने इस सीजन में टूर्नामेंट का हिस्‍सा बनी राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स को हराकर खिताब जीता था।”

12 में से आठ बार महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल फाइनल में खेले हैं। उनकी निरंतरता कमाल की है। दिल्‍ली के खिलाफ मुकाबले में चेन्‍नई का अनुभव और निरंतरता एक बार फिर देखने को मिली। उन्‍होंने काफी स्‍मार्ट क्रिकेट खेला।