अक्षर पटेल© Getty Images
अक्षर पटेल© Getty Images

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया में चुने गए स्पिनर अक्षर पटेल चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे रवींद्र जडेजा से मिलनी वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंतित नहीं हैं और अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान लगा रहे हैं। आपको बता दें अक्षर पटेल ने विजय हजारे ट्राफी में पहली खिताबी जीत के अहम् नायकों में से एक थे। पटेल ने नौ मैचों में 14 .63 की औसत से 19 विकेट लिए। भारतीय वनडे कप्तान एम एस धोनी के लिये पांच वनडे मैचों की श्रृंखला में आर अश्विन के साथ दूसरे स्पिनर के तौर पर जडेजा पर उन्हें तरजीह देना मुश्किल होगा। आपको बता दें  कि जडेजा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन करके टीम में वापसी की है। ये भी पढ़ें: अफगानिस्तान ने जिंबाब्वे को चार विकेट से हराया

पटेल ने कहा,‘‘ भारत के लिये खेलते समय हमेशा कड़ी प्रतिस्पर्धा रहेगी लेकिन इससे खिलाड़ियों के साथ मेरे तालमेल पर असर नहीं पड़ा है। जडेजा ने भी वापसी की है। लिहाजा टीम में बायें हाथ के स्पिनर के लिये प्रतिस्पर्धा होगी लेकिन यह चलता है। यह अच्छी बात है कि वह सभी प्रारूपों में लौटे हैं।हम दोनों गुजरात से हैं और एक दूसरे के साथ का मजा लेते हैं।’’
आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी20 मैचों के लिये चयनकर्ता अलग अलग खिलाड़ियों को आजमा रहे हैं और पटेल को दुख है कि वह टी20 टीम में जगह नहीं बना सके। ये भी पढ़ें: जो रूट ने की वीरेंद्र सहवाग की बराबरी
उन्होंने कहा ,‘‘ यह निराशाजनक है. टी20 विश्व कप करीब है और आस्ट्रेलिया में तीन मैच खेलना अच्छा होता. लेकिन मेरा मानना है कि वनडे या घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने पर मैं टी20 टीम में वापसी कर सकता हूं। अभी टी20 विश्व कप में समय है।’’
सुनील गावस्कर से मिली आलोचना को लेकर पटेल ने कहा कि वह अपनी शैली में बदलाव नहीं करेंगे। ये भी पढ़ें: कोरी एंडरसन, ग्रांट इलियट की न्यूजीलैंड टी-20 टीम में वापसी
उन्होंने कहा ,‘‘ रफ्तार में विविधता के साथ सपाट गेंदबाजी मेरी ताकत है जिससे बल्लेबाजों को परेशान करने में कामयाब रहा हूं। शैली में बदलाव करने पर मैं उतना प्रभावी नहीं रहूंगा। मैने अपनी गेंदबाजी पर काफी मेहनत की है लेकिन मैं इसी तरह की गेंदबाजी में सहज हूं। यदि इसी शैली से डेनियल विटोरी इतने कामयाब हो सकते हैं तो मैं क्यो नहीं.’’ पटेल ने अपनी बल्लेबाजी पर भी मेहनत की है और विजय हजारे ट्राफी में 220 रन बनाये।
यह पूछने पर कि क्या ऑस्ट्रेलिया का उनका अनुभव दूसरी बार काम आयेगा। उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे लगता है कि यह काम आयेगा मैने त्रिकोणीय श्रृंखला खेली और विश्व कप टीम का भी हिस्सा रहा लिहाजा मुझे पता है कि गेंद कहां डालनी है और हालात कैसे होंगे। मेरे कद से भी मुझे ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर अतिरिक्त उछाल हासिल करने में मदद मिलती है।’’