Coach Stephen Fleming explains why CSK belive in philosophy of extended a long rope
चेन्नई सुपर किंग्स © AFP

इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें सीजन में में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अंबाती रायडू और शेन वाटसन 12वें सीजन में फॉर्म और निरंतरता को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। 2018 में रायडू ने 16 मैचों में 602 रन बनाए थे, जबकि इस सीजन वो 15 मैचों में केवल 261 रन बना पाए हैं। 11वें सीजन में चेन्नई के जीत के नायक रहे वाटसन ने 15 मैचों में 555 रन बनाए थे जबकि इस सीजन वो उतने ही मैचों में केवल 268 रन बना पाए हैं।

बावजूद इसके सीएसके टीम ने इन दोनों ही बल्लेबाजों को लगातार मौके दिए और मुंबई के खिलाफ पहला क्वालिफायर हारने के बाद भी इस फैसले में कोई बदलाव नहीं आएगा। ऐसा कहना है टीम के कोच स्टीफेन फ्लेमिंग का। क्वालिफायर मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, “आपको केवल उनका सर्मथन करना होगा। सीजन के आखिर के दो या तीन मैच के लिए हम खिलाड़ियों को आखिरी तक खिलाने का फैसला ले रहे हैं।”

कोच फ्लेमिंग ने का कहना है कि चेन्नई खिलाड़ियों को लगातार मौके देने और कम के कम बदलाव की पॉलिसी पर काम करती है। कारण पूछे जाने पर पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “हम (कांट-छांट करने के) विपरीत दिशा में चलते हैं, खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं, इस उम्मीद में कि वो फॉर्म में लौट आएंगे। और अगर ऐसा नहीं होता तो वो ही सही। हम वापस जाकर ये विश्लेषण कर सकते हैं कि हमें पांच मैच पहले बदलाव करना चाहिए था। लेकिन अगर आप अब बदलाव करते हैं और रणनीति बदलते हैं, तो इसका मतलब ये होगा कि आपने यहां तक पहुंचते हुए सही फैसले नहीं लिए।”

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फ्लेमिंग ने आगे कहा, “हम अपने खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं क्योंकि उन्होंने अपने आपको साबित किया है, सभी सही चीजें की हैं लेकिन ये काम नहीं कर रहा। ये खेल निर्दयी है, खासकर तब जब आप इस तरह की स्थिति में आधा सीजन खेलें। इसलिए हम काफी संतुलित फैसले लेते हैं या इसके लिए काफी चर्चा करते हैं। और इस साल हमने सिर्फ उन खिलाड़ियों का समर्थन किया है जो हमारे पास हैं और आगे भी रहेंगे।”

चेन्नई टीम आज दिल्ली और हैदराबाद के बीच हो रहे एलिमिनेटर मैच की विजेता टीम से 10 मई को दूसरा क्वालिफायर खेलेगी।