पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया (Danish Kaneria) को 2012 में इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) द्वारा 2009 में काउंटी क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग के प्रयासों में शामिल होने के लिए जीवन भर के लिए बैन कर दिया था. कनेरिया अब वापसी की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी है. सिंध हाईकोर्ट ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए खिलाड़ियों के पुनर्वास कार्यक्रम में कनेरिया को शामिल करने की अपील खारिज कर दी है, जिससे दानिश कनेरिया अपमानित महसूस कर रहे हैं.

दानिश कनेरिया चाहते थे कि सिंध की अदालत पीसीबी को निर्देश दे कि वह उन्हें पुनर्वास कार्यक्रम से गुजरने का मौका दें, ताकि वह कोच के रूप में क्रिकेट में दोबारा लौट सकें. अगर हाईकोर्ट द्वारा पीसीबी को आदेश दे दिया जाता तो बिना पीसीबी के डर के कनेरिया घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कोचिंग की भूमिका निभाने में नजर आ सकते थे.

कनेरिया ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया, “मैं इस फैसले से अपमानित और निराश महसूस कर रहा हूं. मुझे नहीं पता कि मैं अब अपना जीवन यापन कैसे करूंगा. मैंने यह अपील अपनी आजीविका के लिए की थी. मुझे यकीन नहीं था कि मेरा मामला इस तरह खारिज कर दिया जाएगा. अब मैं मानवता की अपील करता हूं, जब एक ही मामले में कई लोगों को राहत मिली है, तो मुझे क्यों नहीं.”

उन्होंने आगे कहा, “सम्मानित जजों ने फैसला सुनाया है. मुझे नहीं पता कि उन्होंने यह निर्णय किस आधार पर किया है, लेकिन यह वास्तव में मेरे लिए दिल तोड़ने वाला है. मैंने लगभग सभी से मुझे मुक्त करने का अनुरोध किया, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.”

पूर्व स्पिनर ने कहा, “मैं चाहता था कि वे मुझे दूसरा मौका दें, ताकि मैं फिर से अपना करियर शुरू कर सकूं, लेकिन एक बार फिर से मुझे निराशा मिली. अब 10 साल हो गए हैं. और मैं अभी भी (ईसीबी) प्रतिबंधित हूं. कई ऐसा ही करने वाले क्रिकेटर खुलेआम घूम रहे हैं और अपना काम कर रहे हैं, लेकिन मैं अभी भी न्याय के लिए भटक रहा हूं.”

41 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी ने कहा, “मैं किसी को दोष नहीं ठहरा सकता. मैं भगवान में विश्वास करता हूं, लेकिन हां पाकिस्तान में कोई भी मेरी बात नहीं सुनना चाहता. पीसीबी है मेरे लिए कुछ नहीं कर रहा. मैं पाकिस्तान का नागरिक हूं, पाक क्रिकेट को इतने साल दिए हैं. जब मैं पीसीबी के बारे में सोचता हूं तो मुझे अपने बारे में बहुत बुरा लगता है. वे मेरा समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं, इसका कारण वे ही जानते हैं. मैंने एक अनुरोध किया मानवीय आधार पर राहत के लिए, लेकिन इसे भी खारिज कर दिया गया है. मुझे लगता है कि यह एक अपमानजनक और अमानवीय ²ष्टिकोण है. मैं अब पूरी तरह से निराश महसूस कर रहा हूं.”

याचिका पर सुनवाई करने वाले पैनल को संदेश में दानिश कनेरिया ने लिखा, “सिंध हाईकोर्ट के माननीय और सबसे सम्मानित पैनल ने मेरी अपील को खारिज कर दिया है. मेरी याचिका मानवीय आधार पर थी, क्योंकि मेरी आय का एकमात्र स्रोत काफी प्रभावित हुआ है. मैंने पूरी ईमानदारी से पाकिस्तान की सेवा की है और मैं दुखी और निराश हूं पता है कि पुनर्वसन कार्यक्रम से गुजरने की मेरी याचिका को खारिज कर दिया गया है. मैं इंसान हूं, सभी को दूसरा मौका मिला है तो मुझे क्यों नहीं.”