विराट कोहली टीम में रोहित शर्मा और शिखर धवन को चाहते थे और हुआ भी वही © Getty Images
विराट कोहली टीम में रोहित शर्मा और शिखर धवन को चाहते थे और हुआ भी वही © Getty Images

न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने वाली भारतीय टीम का चयन कल मुंबई में हुआ। 22 सितंबर को भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने सामने होंगी। संदीप पाटिल के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए ये अंतिम मौका था जब उन्होंने टीम के चयन की जिम्मेदारी निभाई। फैंस और मीडिया को भारतीय टीम में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की उम्मीद थी जैसे खराब फॉर्म में चल रहे ओपनर शिखर धवन की जगह गौतम गंभीर और टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करने में नाकाम रहे रोहित शर्मा की जगह मनीष पांडे। लेकिन कल हुए चयन में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और चयनकर्ताओं ने वेस्टइंडीज दौरे पर गई 17 सदस्यीय टीम से ही 15 खिलाड़ी चुने। न्यूजीलैंड के खिलाफ चुनी गई टीम से बाहर होने वाले खिलाड़ी रहे स्टूअर्ट बिन्नी और शार्दुल ठाकुर।

एबीपी लाइव ने दावा किया है कि भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली और हेड कोच अनिल कुंबले ने शिखर और रोहित को टीम से बाहर जाने से बचाया। एबीपी की रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है कि कप्तान और कोच दोनों ने धवन और रोहित का साथ दिया क्योंकि वो विजयी टीम के कंबीनेशन के साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहते थे। संदीप पाटिल को भी यह कहते सुना गया कि हमें उस कंबीनेशन के साथ टिके रहना था जिसने विदेशी दौरे पर अच्छा प्रदर्शन किया। ऐसा बहुत कम होता है जब हम विदेशी दौरों पर अच्छा करते हैं। [Also Read: अगर आपको नंबर 1 बनना है तो पिचों की चिंता छोड़ देनी चाहिए: अनिल कुंबले]

इसी रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मीटिंग में ओपनर गंभीर और मिडिर आर्डर बैट्समैन मनीष पांडे को धवन और रोहित की जगह शामिल करने पर चर्चा हुई। गंभीर पिछले सीजन की शुरूआत के बाद से शानदार फॉर्म में हैं, हाल ही में उन्होंने दिलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन प्रदर्शन किया है। दिलीप ट्रॉफी में उन्होंने लगातार चार पारियों में 4 अर्धशतक बनाकर अपना दावा प्रस्तुत किया था लेकिन चयनकर्ताओं ने उनके इस प्रदर्शन को नजरअंदाज कर धवन को तवज्जो दिया।

दूसरी ओर मनीष पांडे को जब भी मौका मिला उन्होंने प्रभावित किया है। इस साल की शुरूआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम वनडे मैच में लगाया गया उनका शानदार शतक जिसमें भारत को जीत मिली थी। यह पारी बहुत ही दबाव में खेली गई थी, जो उनके क्लास को दिखाता है। वो मौजूदा समय में भारत ए के कप्तान के रूप में ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी टीम की ओर से अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं।

कुंबले और कोहली दोनों ने रोहित और शिखर को टीम में बनाए रखने का आग्रह किया। रोहित के लिए जो कारण दिया गया वो ये था कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में काफी समय से लंबी पारी नहीं खेली है जहां वो अपनी प्रतिभा को प्रदर्शन में बदल सके। धवन को टीम में बरकरार रखने के लिए कोई खास वजह नहीं बताई गई। दोनों ही बल्लेबाज हाल में दिलीप ट्रॉफी फाइनल में भी फेल रहे जिसमें रनों की पारी हुई और गंभीर व पुजारा ने अपनी टीम को 700 के पास पहुंचाया।