भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) की बांग्लादेश के खिलाफ निदास ट्रॉफी के फाइनल में खेली मैचविनिंग पारी को कोई भारतीय फैन नहीं भूल सकता। उस पारी को लेकर कार्तिक ने कहा है कि वो अपने आप को साबित करने के लिए इस तरह के मौके का इंतजार कर रहे थे।

कार्तिक ने स्टार स्पोटर्स तमिल के एक शो पर बात करते हुए कहा, “मैं अपने आप को साबित करने के लिए इस तरह के मौके का इंतजार कर रहा था। मैंने इस तरह की स्थिति के लिए अभ्यास किया था। जब हकीकत में इस तरह की स्थिति आई तो मुझे उस स्टेज पर मजा आया। काफी कुछ ऑटो मोड पर हो गया था।”

उन्होंने कहा, “जब आप काफी अभ्यास करते हैं और वो स्थिति आपके सामने आ जाती है तो आप जानते हो कि क्या करना है। मुझे विश्वास था कि हम मैच जीत जाएंगे। दो ओवरों में 34 रन चाहिए थे तब भी मैं सोच रहा था कि मैं इस मैच को जीत सकता हूं।”

कार्तिक ने खेल में मानसिक ताकत की अहमियत पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मानसिक ताकत पर बात करें तो, ये मौजूदा हालात में बने रहने की क्षमता है। ताकि जब भी आप मुश्किल हालात में हैं, आप उन ख्यालों में खो जाते हैं लेकिन सबसे अहम बात है कि अगर आप इस पर ध्यान लगा पाते हैं कि वर्तमान में क्या करना है, तो ज्यादातर समय आपकी जीत होगी। सभी सफल खिलाड़ी ये ताकत समय के साथ हासिल करते हैं।”