India vs Australia, 3rd Test: What makes Jasprit Bumrah ‘a potent bowler’; Bharat Arun explains
Jasprit Bumrah © AFP (File Photo)

भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने शनिवार को कहा कि जसप्रीत बुमराह के अपरंपरागत गेंदबाजी एक्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में से एक बना दिया है।

अरुण के मुताबिक विपक्षी टीम के बल्लेबजों के लिए उनकी गेंदों को समझना काफी मुश्किल हो जाता है।

पढ़ें: जडेजा की फिरकी में उलझे ऑस्‍ट्रेलियाई बल्‍लेबाज, बना डाले ये रिकॉर्ड

बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में अब तक आठ विकेट झटके हैं और जनवरी में खेल के इस प्रारूप में पदार्पण के बाद उन्होंने 47 टेस्ट विकेट अपने नाम कर लिए हैं।

अरुण ने कहा, ‘बुमराह अपने अलग से गेंदबाजी एक्शन की वजह से काफी विशेष बन गए हैं। शायद बल्लेबाज उसकी गेंदों को थोड़ी देर से पकड़ पाते हैं जिससे वह काफी कारगर बन जाते हैं। निश्चित रूप से किसी भी तेज गेंदबाज को लगातार 145 किमी प्रति घंटे से या इससे ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करने के लिए हाथों से काफी तेज से गेंद निकालनी पड़ती है।’

पढ़ें: स्पिनर नाथन लियोन ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों किया बचाव

उन्होंने चौथे दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘बुमराह अपने गेंदबाजी एक्शन की वजह से टेस्ट में शुरूआत करने से पहले ही काफी अच्छा कर रहे थे, हमें उनपर पूरा भरोसा था और उनकी गेंदों का सामना करने वाले ज्यादातर बल्लेबाजों ने कहा कि उनकी गेंदें समझना काफी मुश्किल था।’

ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में आठ विकेट गंवाकर 258 रन बनाकर जूझ रही है और शनिवार को चौथे दिन भारतीय तेज गेंदबाजों ने पांच विकेट साझा किए। भारत को चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 की अजेय बढ़त बनाने के लिए रविवार को दो विकेट की दरकार है।

पढ़ें: ‘ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को कप्‍तान कोहली से सीख लेने की जरूरत’

अरुण ने कहा कि कोचिंग स्टाफ को 25 वर्षीय बुमराह को मजबूत बनाए रखने के लिए काफी काम करना पड़ता है क्योंकि उनके गेंदबाजी एक्शन उनके शरीर पर काफी बोझ पड़ता है।

उन्होंने कहा, ‘मुझे बुमराह के साथ तब काम करने का मौका मिला जब वह अंडर-19 स्तर पर खेलते थे, तब मैं एनसीए में था। मुझे लगा कि बुमराह अपने एक्शन से काफी तेज गेंदबाजी कर सकते हैं लेकिन इससे उनके शरीर पर असर पड़ता है। यह चुनौती थी और हमने इसके लिए फिजियो व ट्रेनर से चर्चा की थी। इसके बाद हमें लगा कि हमें उन्‍हें मजबूत बनाए रखने के लिए उन पर काम करना होगा।’

(इनपुट-भाषा)