रविचंद्रन अश्विन के लिए यह सीजन धमाकेदार रहा © IANS

रविचंद्रन अश्विन के लिए यह सीजन धमाकेदार रहा © IANS

भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वर्ष के सर्वश्रेष्ठ आईसीसी क्रिकेटर और आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर चुने जाने पर आज सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी हासिल की। 2015 में दुनिया के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज रहे अश्विन ने कहा, “आईसीसी द्वारा इन दो शीर्ष पुरस्कारों के लिये चुना जाना गर्व की बात है। इसे हासिल करना सपना सच होने जैसा है।” उन्होंने कहा, “मुझे संतोष इस बात का है कि इस दौरान मैने टीम के अच्छे प्रदर्शन में योगदान दिया। भारतीय टीम बेहतरीन है जिसने सभी प्रारूपों में अच्छा खेला है। टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन होने पर हमें गर्व है।” 14 सितंबर 2015 से 20 सितंबर 2016 की मतदान अवधि में अश्विन ने आठ टेस्ट मैचों में 48 विकेट लिये और 336 रन बनाये। उन्होंने 19 टी20 मैचों में भी 27 विकेट लिये।

उन्होंने कहा, “मैं अपने साथी खिलाड़ियों, टीम प्रबंधन और सहयोगी स्टाफ को धन्यवाद दूंगा। उम्मीद है कि आगे भी ऐसा प्रदर्शन जारी रखूंगा। मैं अपने परिवार को धन्यवाद देता हूं। मुझे अपने अंकल की याद आ रही है जिनका इस मैच के दौरान निधन हुआ। उनका परिवार मेरा बहुत बड़ा सहारा रहा है।” अश्विन एक टेस्ट सीजन में सबसे ज्यादा 82 विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। अश्विन धर्मशाला टेस्ट की पहली पारी में एक ही विकेट ले पाए थे लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने जबरदस्त वापसी की और तीन अहम विकेट चटकाए।  [ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया धर्मशाला टेस्ट का पूरा स्कोरकार्ड यहां देखें]

धर्मशाला टेस्ट में भारत ने आठ विकेट से शानदार जीत दर्ज की और इसी के साथ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी भी 2-1 से अपने नाम की। गौरतलब है कि इस पूरी सीरीज में कप्तान विराट कोहली ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया और चौथे टेस्ट में तो वह टीम से ही बाहर थे। भारतीय टीम की यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि खिलाड़ियों ने यह साबित किया कि विराट कोहली के बिना भी टीम जीत सकती है।