एमएस धोनी  © BCCI
एमएस धोनी © BCCI

मुंबई इंडियंस ने राइजिंग पुणे सुपरजायंट को आखिरी गेंद पर एक रन से हराकर आईपीएल 2017 का फाइनल जीत लिया। इससे सबसे ज्यादा तकलीफ एमएस धोनी के फैन्स को हुई जो अपने पसंदीदा खिलाड़ी को ट्रॉफी लिए हुए खिलाड़ियों के हुजूम में देखना चाहते थे। इस तरह से पुणे सुपरजायंट का पहला आईपीएल खिताब जीतने का सपना भी चकनाचूर हो गया। धोनी जो आईपीएल सीजन में पहले से ही बेहतरीन फॉर्म में नहीं थे वह फाइनल मैच में भी कुछ खास नहीं कर पाए और 10 रन बनाकर जसप्रीत बुमराह का शिकार बने।

भले ही टूर्नामेंट में एमएस धोनी अपने बल्ले से कमाल नहीं दिखा पाए लेकिन उन्होंने विकेट के पीछे शानदार कीपिंग की। वही काम उन्होंने रविवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ किया। कायरॉन पोलार्ड, वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज, क्रीज पर उस वक्त आए जब मुंबई इंडियंस के 56 रनों पर चार विकेट गिर गए थे। मुंबई ने कप्तान रोहित शर्मा का थोड़ी देर पहले विकेट खोया था जिन्हें शार्दुल ठाकुर ने स्पिनर एडम जंपा की गेंद पर कैच आउट किया था।

जैसे ही पोलार्ड क्रीज पर आए, धोनी ने फील्डर को तुरंत स्ट्रेट लॉन्ग ऑन पर लगा दिया, यह एक ताबड़तोड़ दाहिने हाथ के बल्लेबाज को देखते हुए एक अलग तरह की फील्डिंग थी। पोलार्ड को आंख जमाने में देर नहीं लगी और जंपा की पहली ही गेंद को लॉन्ग ऑफ की दिशा में टांग दिया छह रनों के लिए। ओवर की अंतिम गेंद पर जंपा ने पोलार्ड को ललचाते हुए गेंद में फ्लाइट दी और पोलार्ड ने सीधे गेंद लॉन्ग ऑन की दिशा में हवा में खेली जहां मनोज तिवारी लगे हुए थे। [ये भी पढ़ें: भुवनेश्वर कुमार ने दूसरी बार किया पर्पल कैप पर कब्जा, जाने 10 सालों में कौन रहे आईपीएल के सबसे सफल गेंदबाज]

 

अंततः तिवारी ने पोलार्ड का कैच पकड़ते हुए उन्हें सस्ते में वापस भेज दिया। यह वही पोजीशन थी जहां धोनी ने फील्डर लगाया था और धोनी ने एक ओवर में ही अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हुए कमाल कर दिया। धोना ने इसके पहले भी साल 2015 में मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच आईपीएल फाइनल में पोलार्ड को इसी अंदाज में आउट किया था।