सनराइजर्स हैदराबाद © AFP
सनराइजर्स हैदराबाद © AFP

इंडियन प्रीमियर लीग के दसवें सीजन के पहले मैच में जब आज सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम भिड़ेगी तो दोनों ही टीमों का मकसद हर हाल में जीत हासिल करना होगा। पहला मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में खेला जाएगा जहां सभी खिलाड़ी अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। बल्लेबाज तेजी से रन बनाना चाहेंगे तो वहीं गेंदबाज भी कसी हुई गेंदबाजी कर विकेट लेना चाहेंगे। लेकिन आपको बता दें हैदराबाद के मैदान में अच्छे प्रदर्शन के साथ-साथ किस्मत का साथ मिलना भी जरूरी है। आइए आपको दिखाते हैं कुछ आंकड़े जो बताते हैं हैदराबाद में जीत पाने का फॉर्मूला। [ये भी पढ़ें-विराट, डीविलियर्स के बिना कमजोर है रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम !]

टॉस जीतो…मैच जीतो !– वैसे तो क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के दम पर ही जीत हासिल होती है लेकिन हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में किसी भी टीम के कप्तान के लिए टॉस का बॉस का बनना भी जरूरी होता है। आईपीएल के पिछले सीजन की बात करें तो हैदराबाद के मैदान पर 7 मुकाबले खेले गए थे जिसमें से 5 बार टॉस जीतने वाली टीम ने मैच अपने नाम किया वहीं टॉस हारने वाली टीम 2 ही बार मैच अपने नाम कर सकी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के रिकॉर्ड्स को भी देखें तो टॉस जीतने वाली टीम ही राजीव गांधी स्टेडियम में मैच की बॉस बनी है। हैदराबाद में 8 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले गए हैं जिसमें से 6 बार टॉस जीतने वाली टीम को जीत मिली है। मतलब 80 फीसदी मैचों में टॉस जीतने वाली टीम ने बाजी मारी है।

टॉस जीतो, फील्डिंग चुनो !– हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में टॉस जीतकर फील्डिंग चुनना बेहतर रहता है। आईपीएल में साल 2014 से लेकर आज तक के आंकड़ों की बात करें तो यहां लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ही जीती है। हैदराबाद में आईपीएल के पिछले दो सीजन में 15 मैच खेले गए हैं जिसमें से 12 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीती है। साल 2016 में हैदराबाद में 7 में से 5 आईपीएल मुकाबलों में पहले फील्डिंग करने वाली टीम जीती थी।