Jason Holder wants minimum wage for cricketers to prevent Kolpak or T20 franchise routes
Jason Holder (Getty Images)

दक्षिण अफ्रीका टेस्ट टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज डुआने ओलिवर ने हाल ही में यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के साथ कोलपैक डील साइन की है और इसी के साथ उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर पर ब्रेक लग गया। ओलिवर ने सभी को चौंकाते हुए इंग्लिश काउंटी क्लब के साथ तीन साल का कॉन्ट्रेक्ट साइन किया। जिसके बाद खिलाड़ियों को कोलपैक और टी20 फ्रेंचाइजी की तरफ आकर्षित होने से रोकने के मामले पर फिर से चर्चा शुरू हो गई। वेस्टइंडीज टीम के कप्तान जेसन होल्डर ने इसका हल सुझाया है।

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होल्डर का कहना है कि शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों को एक न्यूनतम स्थाई वेतन मिलना चाहिए, ताकि वो कोलपैक डील और टी20 फ्रेंचाइजी के रास्ते पर आगे ना बढ़े। ओलिवर के बारे में बात करते हुए होल्डर ने कहा, “एक और खिलाड़ी को कोलपैक क्रिकेट की वजह से खो देने का दुख हुआ। जब तक कि खिलाड़ियों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक मुझे नहीं लगता कि हम इसे रोक पाएंगे। लोग अभी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को सबसे आगे देखना चाहते हैं।”

होल्डर इस मुद्दे को लेकर काफी गंभीर हैं और उन्होंने केवल बयानबाजी करने के बजाय, फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशनों के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को बनाए रखने का एक तरीका ढूंढने के मामले पर विचार-विमर्श किया है। होल्डर ने कहा, “मुझे लगता है कि आगे जाकर, हमें खिलाड़ियों को देश के लिए खिलाते रहने का तरीका ढूंढने की जरूरत होगी ताकि हमारे पास एक आकर्षक प्रोडक्ट हो। शायद ICC और FICA को एक साथ मिलकर खिलाड़ियों के लिए एक न्यूनतम वेतन निश्चित करना होगा ताकि खिलाड़ी अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए घर आने में सहज महसूस करें।”

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होल्डर ने आगे कहा, “टेस्ट क्रिकेट पिछले एक डेढ़ साल में आगे बढ़ा है। वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को हराया, श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया, ये महत्वपूर्ण चीजें हैं। ये टेस्ट क्रिकेट को लगातार आगे बढ़ा सकते हैं। इसके पीछे बहुत प्रतिष्ठा है। मैं केवल ये उम्मीद कर सकता हूं कि हम ऐसी व्यवस्था कर पाएं जहां खिलाड़ियों को ठीक से मुआवजा दिया जाय और घरेलू लीगों के तरफ भागने की बजाय उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया जाय।”

विंडीज कप्तान ने कहा, “मैंने निजी तौर पर फीका (FICA) के लोगों से बातचीत की है, वो खिलाड़ियों के लिए काफी अच्छा काम कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि हम जल्दी वहां पहुंच पाएंगे या नहीं लेकिन उम्मीद है कि हम उस भविष्य से ज्यादा दूर नहीं है जहां खिलाड़ियों के पास अपनी राष्ट्रीय टीम और घरेलू लीग दोनों के लिए पर्याप्त समय हो।”