सौरव गांगुली वर्तमान में कैब के अध्यक्ष पद पर हैं। © AFP
सौरव गांगुली वर्तमान में कैब के अध्यक्ष पद पर हैं। © AFP

अनुराग ठाकुर को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाने के बाद से नए अध्यक्ष के नाम को लेकर चर्चाएं काफी बढ़ रही हैं। अध्यक्ष पद से लिए जिस शख्स के बारे में सबसे अधिक बात हो रही है वह हैं पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली। गांगुली भारत के सफल कप्तानों में से एक हैं और इस समय वह बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर हैं। क्रिकेट फैंस के साथ कई दिग्गज खिलाड़ी भी यही चाहते हैं कि गांगुली बीसीसीआई का अध्यक्ष पद संभाले लेकिन लोढ़ा समिति ने इस मामले पर अपना रुख साफ कर दिया है। गुरुवार को जस्टिस लोढ़ा समिति ने अपने बयान में बताया कि आखिर क्यों कोलकाता के प्रिंस बीसीसीआई के बॉस नहीं बन सकते। ये भी पढ़ें:रणजी ट्रॉफी 2016-17 फाइनल मैच के चौथे दिन का लाइव ब्लॉग

गांगुली ने साल 2014 में कैब के अध्यक्ष का पद ग्रहण किया था। जुलाई में वह अपना टर्म पूरा करेंगे लेकिन लोढ़ा समिति की सिफारिशों के मुताबिक उन्हें पद छोड़ने से पहले तीन साल तक विराम काल में काम करना होगा। तीन साल की समयावधि पूरी करने के बाद ही वह किसी और पद से लिए योग्य उम्मीदवार बनेंगे। अगर गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष बनना चाहते हैं तो उन्हें जुलाई में ही कैब अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा। लोढ़ा समिति ने इस बयान में यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दो जनवरी को दिए फैसले के बाद कोई भी बोर्ड सदस्य अयोग्य घोषित नहीं हुआ है। सभी सदस्य अब भी आईसीसी बैठकों में भाग ले सकते हैं। ये भी पढ़ें:महेंद्र सिंह धोनी ने कहा सीमित ओवर में कप्तानी के लिए तैयार हैं विराट कोहली

वहीं इस मामले पर गांगुली का कहना है कि कैब अध्यक्ष के पद से मुक्त होने के बाद उन्होंने भविष्य के लिए कुछ नहीं सोचा हैं। उन्होंने कहा, “मैंने अभी कुछ नहीं सोचा है। आगे देखेंगे कि क्या किया जा सकता है। मैने कैब अध्यक्ष पद से हटने का कोई फैसला नहीं किया है।” इस खबर के बाद गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में बीसीसीआई के सीईओ राहुल जोहरी बोर्ड का कार्यभार संभाल रहे हैं।