Mayank Agrawal: My persistence and my hard work worked well for me
Mayank Agarwal (BCCI)

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए डेब्यू करने वाले मयंक अग्रवाल भारत का ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बनकर खुश हैं। मयंक ने सीरीज के दो मैचों की तीन पारियों में 65 के औसत से 195 रन बनाए। लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार अपने देश के लिए खेल पाने का श्रेय मयंक अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ता को देते हैं।

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क्रिकेटकंट्री से बातचीत में मयंक ने कहा, “कई चीजें आपके बस में नहीं होती हैं लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और इतिहास रचने वाली टीम का हिस्सा बनने का मौका मिला। एक चीज जो मेरे हित में रही, वो है मेरी दृढ़ता और कड़ी मेहनत। मैंने लगातार मेहनत की और हार नहीं मानी। मैंने कहा कि मैं लगातार कड़ी मेहनत करता रहूंगा और बेहतर होता रहूंगा और जब बड़े स्कोर बनने शुरू हो गए तो मुझमे आत्मविश्वास आता रहा और चीजें बदलने लगी।”

कर्नाटक के मयंक अग्रवाल ने अपनी बल्लेबाजी तकनीकि और खेलने के तरीके में सुधार का श्रेय कोच आरएक्स मुरलीधर को दिया। उन्होंने कहा, “आरएक्स सर के साथ पांच साल काम करने से मुझे काफी मदद मिली। शुरुआत में, हमने मेरी तकनीक, गेम प्लान, रणनीति और बहुत सारी अन्य चीजों पर काम किया।”

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रणजी ट्रॉफी 2017-18 सीजन में रिकॉर्ड 2,141 रन बनाने वाले मयंक अग्रवाल अपने डेब्यू मैच से पहले काफी नर्वस थे। बॉक्सिंग डे टेस्ट को याद करते हुए मयंक ने कहा, “जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो शुरुआत में मैं नर्वस था। मैंने अपने आप से कहा, वाह, मैं इतनी बड़ी चीज का हिस्सा हूं। लेकिन जैसे मैंने एक-दो ओवर खेले, थोड़ा सेट हो गया तो चीजें बेहतर होती गईं। मैं अपने जोन में आ गया और अपने शॉट्स खेलने रहा। मैंने अपने लिए जो योजना बनाई थी, मैंने उसके हिसाब से खेलना शुरू कर दिया।”

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सफल टेस्ट सीरीज से मिले अनुभव को मयंक सहेज कर रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव होने के बाद, दोनों अर्द्धशतकों ने मुझे आत्मविश्वास दिया है। लेकिन, मेरे लिए सबसे बड़ी बात है उस अनुभव को हासिल करना और इस अनुभव से सीख लेना, वापस जाना और सुधार करना। उन चीजों को करना जारी रखना जो मैं कर रहा हूं; बस इसे बनाए रखना।”

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मयंक 12 जनवरी से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले वनडे सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड का हिस्सा नहीं है। इसलिए टेस्ट सीरीज खत्म होने के साथ ही वो भारत लौट आए हैं। हालांकि मयंक आगे भविष्य में भारत के लिए सीमित ओवर फॉर्मेट खेलने की काबिलियत रखते हैं लेकिन फिलहाल उनका ध्यान उस तरफ नहीं है।

उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने पहले कहा, मैं वापसी कर कड़ी मेहनत करना चाहता हूं और मैं जो कर सकता हूं, वो मैं करूंगा। मैं अभी बहुत आगे की नहीं सोच रहा हूं। हमारे समाने अभी काफी मैच हैं और मैं आने वाले मैचों पर ध्यान लगाना चाहता हूं और उम्मीद करता हूं मैं अच्छा करूंगा।”