इंग्लैंड के खिलाफ विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी की है © Getty Images
इंग्लैंड के खिलाफ विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी की है © Getty Images

इंग्लैंड पूरी सीरीज में विराट कोहली से पार नहीं पा सका। लेकिन अब इंग्लैंड सोचने पर मजबूर हो गया है कि आखिर कोहली को आउट करें तो कैसे?, कोहली को आउट करने के लिए क्या हथकंडा अपनाया जाए वरना वह दूसरे वनडे में भी इंग्लैंड की जीत के बीच दीवार की तरह खड़े हो जाएंगे। कोहली को आउट करने के लिए अब थोड़ा अलग सोचने की जरूरत है। इंग्लैंड के अलावा भारत दौरे पर आने वाली हर टीम को लगभग इसी समस्या का सामना करना पड़ा है।

इसी लिहाज से इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने कोहली को आउट करने के लिए 3 सुझाव दिए हैं। नासिर के मुताबिक कोहली को बोर किया जाए, उन्हें बाउंसर फेंकी जाएं और उनके ईगो को डिगाया जाए। हुसैन ने ये 3 मंत्र कोहली को आउट करने के लिए दिए हैं। साथ ही हुसैन ने कहा कि कोहली को लगातार ऑफ स्टंप के बाहर गेंद फेंकी जाएं अगर ऐसा करने में 2-3 वाइड गेंद भी चली जाती हैं तो भी उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसके बाद टीम पांचवीं या छठीं गेंद पर अन्य बल्लेबाज को एक रन देकर कोहली को नॉनस्ट्राइकर छोर पर ज्यादा रखने की कोशिश करे। या फिर ओवर की आखिरी गेंद पर कोहली को बड़े शॉट के लिए उकसाया जाए जिससे उनके आउट होने के चांस बनें।

साथ ही हुसैन ने कहा कि कोहली से बीच-बीच में थोड़ी बहस करने की भी जरूरत है, क्योंकि कोहली बहुद जल्दी आग बबूला हो उठतें हैं इससे उनकी एकाग्रता भंग होगी। कोहली के ईगो से छेड़खानी की जाए तो फायदा हो सकता है, ठीक वैसे ही जैसे विरोधी टीम केविन पीटरसन के विरुद्ध किया करतीं थीं। इंग्लैंड के साथ समस्या ये है कि पिछले विश्व कप के बाद उनकी गेंदबाजी उतनी मजबूत नहीं हुई है जितनी की बल्लेबाजी मजबूत हुई है। गेंदबाजी में डेविड विली कई तरह की गेंदें फेक लेते हैं तो वहीं आदिल रशीद अच्छे स्पिनर हैं लेकिन इसके बावजूद टीम को कोई फायदा नहीं हो पा रहा है। कोहली हर चुनौती को भेदने में विश्वास रखता है और वह ये कभी भी नहीं कहता कि ‘मैं ये नहीं कर पाऊंगा।’ हमने ये पहले वनडे में भी देखा जब भारत का स्कोर 4 विकेट पर 63 रन था, लेकिन इसके बाद भी टीम ने 350 रनों के विशाल स्कोर का पीछा कर डाला।  ये भी पढ़ें: दूसरे मैच में विराट कोहली को टिकने नहीं देंगे: जेक बॉल

विराट कोहली मैच के हालातों को सही से पढ़ लेते हैं, खासकर जब वह बल्लेबाजी कर रहे होते हैं और मेरा मानना है कि लक्ष्य का पीछा करने के दौरान वह वनडे इतिहास के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं। सचिन तेंदुलकर के व्यक्तिगत आंकड़े बहुत अच्छे हैं लेकिन कोहली पूरी टीम को साथ लेकर चलते हैं और ये हमें तब भी देखने को मिलता है जब भारतीय टीम मैच से पहले फुटबॉल खेलती है। मेरा मानान है कि अगर कोहली शतक लगा देते और भारत मैच हार जाता तो कोहली के लिए उस शतक का कोई मतलब नहीं होता क्योंकि वो हमेशा अपनी टीम को जीतते देखना चाहता है।

कोहली पूरी तरह से फिट है और उसने भारतीय क्रिकेट की प्रथा को बदल दिया है। पहले वनडे में देखने को मिला था कि बल्लेबाजी के दौरान जब केदार जाधव के पैरों में क्रैंप आ गए थे तो कैसे कोहली उनसे बातचीत कर रहे थे। हम अपनी टीम में बात कर रहे हैं कि जो रूट को टेस्ट कप्तानी दे दी जाए, लेकिन भारत में देखा जाए तो कोहली अब हर प्रारूप में टीम के कप्तान हैं और उनकी बहुत मांग भी है। आप भारत में टीवी खोलकर देखिए तो आपको हर प्रचार में कोहली दिखेंगे, मैगजीन में भी कोहली की तस्वीरें देखने को मिल जाएंगी। इसलिए जब मैंने उसका इंटरव्यू लिया था तो उसने मुझसे कहा था कि मेरी सफलता का राज है कि मेरे आस-पास ऐसे हुत ही कम लोग हैं जिनके साथ मैं घुला-मिला हूं। कोहली के पास 2-3 ही दोस्त हैं। कोहली शानदार हैं और वह अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका तीनों प्रारूपों में औसत 50 के पार है। कोहली ने जो एक ही काम अब तक नहीं किया है वह है इंग्लैंड में रन बनाने का, कोहली भी इस बात को बखूबी जानते हैं और जब भी वो वहां होंगे तो वहीं भी अपने बल्ले से जमकर धमाल मचाने की पूरी कोशिश करेंगे। ये भी पढ़ें: विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम बेहद मजबूत: किम ह्यूज

यही वजह है कि वह इंग्लैंड दौरे से पहले कोहली काउंटी क्रिकेट खेलना चाहते हैं, क्योंकि वह साबित करना चाहते हैं कि स्विंग होती गेंदों के सामने भी वह उतने ही प्रभावशाली हैं जितना कि भारत या दुनिया के किसी और कोने में। आप सोशल मीडिया पर जाकर देख सकते हैं कि कोहली के प्रशंसक उनकी कितनी इज्जत करते हैं। क्रिस वोक्स को मारा गया कोहली का छक्का बेहतरीन था और मौजूदा समय में वह दुनिया का सबसे महान बल्लेबाज है। साथ ही दौरे पर इंग्लैंड के पास अभी 5 और मौके हैं जिनमें वो साबित कर सकते हैं कि वो कोहली से पार पा चुके हैं।