अंबाती रायडू और पार्थिव पटेल © Getty Images
अंबाती रायडू और पार्थिव पटेल © Getty Images

मंगलवार को राइजिंग पुणे सुपरजायंट के खिलाफ पहले क्वालिफायर मैच में मुंबई इंडियंस को 20 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा। मुंबई इंडियंस ने मैच में शुरुआत काफी अच्छी की थी। टॉस जीतकर कप्तान रोहित शर्मा ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया और गेंदबाजों ने भी शुरुआती ओवरों में दो बड़े विकेट झटके। पुणे के बल्लेबाजों को बीच के ओवरों में भी रन बनाने में परेशानी हो रही थी। मुंबई के लिए सब कुछ सही था जब तक महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर नहीं आए थे। धोनी ने आखिर के ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की, उन्होंने 26 गेंदो में पांच छक्कों की मदद से 40 रन बनाए। अंतिम दो ओवरों में 41 रन गंवाने से मुंबई की योजना पूरी तरह बिगड़ गई लेकिन सलामी बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने इस बात से इंकार कर दिया।

पटेल नहीं मानते कि आखिरी दो ओवर में ज्यादा रन जाने की वजह से उनकी टीम को इस मुकाबले में हार का मुंह देखना पड़ा। वानखेड़े स्टेडियम में बीती रात हुए मुकाबले के बाद विकेटकीपर पटेल ने कहा, “इस प्रारूप में इस तरह की चीजें हो सकती हैं और वो भी जब महेंद्र सिंह धोनी जैसा खिलाड़ी बल्लेबाजी कर रहा हो। निश्चित रूप से शुरुआत में हमने नियंत्रण बनाया हुआ था। मैं यह नहीं कहूंगा कि इस मैच में हार हमें इन दो ओवरों की वजह से मिली।” धोनी ने मिशेल मैक्लेनघन और जसप्रीत बुमराह की गेंदों पर पांच छक्के जड़े। [ये भी पढ़ें: फिर दिखा शेन वॉर्न की फिरकी का जादू, आ गया बल्लेबाज को ‘चक्कर’!]

पटेल ने अंतिम ओवर की पहली चार गेंदो पर यार्कर डालने के बजाय शार्ट पिच गेंदबाजी करने के लिये बुमराह का बचाव भी किया। उन्होंने कहा, “अगर आप पिछले मैचों के अंतिम दो ओवर को देखो या फिर पिछले सीजन के आंकड़ों को भी देखें तो वह धोनी के खिलाफ सफल रहा है। वह टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाजी कर रहा है। वह निश्चित रूप से अच्छा खिलाड़ी है। लेकिन कभी कभार आपको बल्लेबाजों को भी श्रेय देना चाहिए।” हालांकि मुंबई के पास फाइनल में पहुंचने का एक और मौका है। उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मैच की विजेता टीम के साथ 19 मई को दूसरा क्वालिफायर मैच खेलना पड़ेगा।