भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल सीनियर नेशनल टीम में युवा विकेटकीपरों को लगातार मौके नहीं दिए जाने से नाराज हैं. पार्थिव का मानना है कि भारत के युवा विकेटकीपरों को राष्ट्रीय टीम में जगह पक्की करने के लिए लगातार मौके दिए जाने चाहिए जो इस समय नहीं मिल रहे हैं.

टेस्ट टीम में रिद्धिमान साहा लगातार खेल रहे हैं लेकिन सीमित ओवरों के प्रारूप में विकेटकीपर की जगह पक्की नहीं है. रिषभ पंत अपने खराब फॉर्म से जगह पक्की नहीं कर सके तो केएल राहुल को विकेटकीपिंग की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है.

टीम इंडिया से अंदर-बाहर होते रहे 35 वर्षीय पार्थिव ने इंस्टाग्राम पर एक चैट में कहा ,‘मुझे नहीं लगता कि हमें कोई स्थायी विकेटकीपर मिलने वाला है. भारत ए के पास केएस भरत हैं. टेस्ट में साहा नंबर एक विकेटकीपर हैं लेकिन वनडे में पंत या राहुल. स्थायी विकेटकीपर होने से लगातार अच्छा प्रदर्शन भी हो सकेगा.’

25 टेस्ट खेल चुके हैं पार्थिव 

इंग्लैंड के खिलाफ साल 2002 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले पार्थिव ने अब तक 25 टेस्ट मैचों में कुल 934 रन बनाए हैं. 38 वनडे इंटरनेशनल मैचों में पार्थिव के नाम 736 रन दर्ज हैं. पार्थिव ने दो टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 36 रन जुटाए हैं. पार्थिव ने टेस्ट में विकेट के पीछे 72 शिकार किए हैं जबकि वनडे में उनके नाम 39 शिकार हैं.