Shreyas Iyer: I was disappointed when i didn’t get fair enough chances
श्रेयस अय्यर (IANS)

साल 2017 में टीम इंडिया के लिए अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू करने वाले श्रेयस अय्यर ने अब तक भारत के लिए केवल 12 मैच खेले हैं। वहीं पिछले साल दक्षिण अफ्रीका दौरे पर हुए सेंचुरियन वनडे के बाद से अय्यर राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं। इस बीच अय्यर घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अय्यर ने मुंबई की तरफ से खेलते हुए 10 टी20 मैचों में 448 रन बनाए।

अब अय्यर इंडियन प्रीमियर लीग के 12वें सीजन दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करने को तैयार हैं। फ्रेंचाइजी के कोच रिकी पोंटिंग ने अय्यर को भारतीय वनडे टीम में नंबर चार पर बल्लेबाजी का सही विकल्प बताया है। हालांकि लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे अय्यर को विश्व कप टूर्नामेंट से ठीक पहले स्क्वाड में शामिल किए जाने की अब कोई संभावना नहीं है। लेकिन जहां टीम इंडिया नंबर चार पर लगातार खिलाड़ियों को आजमा रही थी, वहीं अगर इस खिलाड़ी को भी कुछ मौके मिलते तो शायद वो अपनी काबिलियत दिखा पाते। अय्यर का भी मानना है कि उन्हें टीम में पर्याप्त मौके नहीं मिले।

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टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अय्यर ने कहा, “हां, मुझे भी ऐसा लगता है। अगर मेरी जगह कोई और खिलाड़ी होता तो उसे भी निराशा होती। आपका आखिरी लक्ष्य देश के लिए खेलना ही होता है। जब मुझे पर्याप्त मौके नहीं मिले और टीम से ड्रॉप कर दिया गया तो मैं निराश था। लेकिन आप टीवी पर टीम को जीतते देखते हैं तो खुशी होती है। ये ज्यादा अहम है।”

नंबर चार पर बल्लेबाजी करने के बारे में अय्यर ने कहा, “मैं हर नंबर पर अपना समर्थन करता हूं। मैं केवल अपने मौके का इंतजार कर रहा हूं। मैं हर टूर्नामेंट में अच्छा कर रहा हूं। मैं अपने क्रिकेट का आनंद ले रहा हूं और चयन प्रक्रिया के बारे में नहीं सोच रहा। चयन मेरे हाथ में नहीं है। मेरा काम प्रदर्शन करना है और मैं वो कर रहा हूं। भविष्य में कुछ भी हो सकता है। आपको अचानक से चयनकर्ताओं का फोन आ सकता है कि आप विश्व कप में चुन लिए गए हैं।”

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पिछले आईपीएल सीजन के बीच में गौतम गंभीर के कप्तान पद से हटने के बाद अय्यर को दिल्ली फ्रेंचाइजी की कप्तानी मिली थी। 12वें सीजन में भी अय्यर ही दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान होंगे। अय्यर का मानना है कि नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलने से उन्हें मदद मिली है और वो पहले से ज्यादा परिपक्व और समझदार खिलाड़ी बने हैं।