रवि शास्त्री और सौरव गांगुली  © AFP
रवि शास्त्री और सौरव गांगुली © AFP

हाल ही में पूर्व खिलाड़ी और टीम इंडिया के डायरेक्टर रह चुके रवि शास्त्री ने कोच पद के लिए आवेदन करने का फैसला किया है। शास्त्री के कोच पद की दौड़ में हिस्सा लेने की खबरें तो काफी पहले से आ रही थी लेकिन कल उन्होंने इसकी पुष्टि कर दी। जहां कई लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं, वहीं पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने इस मुद्दे को ज्यादा तवज्जो ना देने का फैसला दिया है। बीसीसीआई सलाहकार समिति के सदस्य गांगुली ने कहा कि, “सभी को आवेदन करने का अधिकार है, आगे जो होगा हम देख लेंगे। मैं भी आवेदन कर सकता हूं क्योंकि मैं प्रशासक नहीं हूं।”

गांगुली और शास्त्री के बीच पिछली बार कोच पद की नियुक्ति को लेकर काफी विवाद हुआ था। दरअसल पिछले साल टीम इंडिया के डायरेक्टर शास्त्री ने अनिल कुंबले और बाकी उम्मीदवारों के साथ कोच पद के लिए आवेदन किया था। हालांकि वह इंटरव्यू के समय समिति के सामने उपस्थित नहीं हुए जिसके बाद सभी सदस्यों की सहमति से कुंबले को टीम इंडिया का कोच चुना गया। शास्त्री ने इस मामले को लेकर बयान दिया कि गांगुली ने कुंबले की तरफदारी कर उन्हें ये पद दिलवाया था। दोनों के बीच का ये विवाद लंबे समय तक सुर्खियों में रहा था। [ये भी पढ़ें: लसिथ मलिंगा पर छह महीने का प्रतिबंध लगा]

वहीं गांगुली ने कुंबले और विराट कोहली के बीच के विवाद को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “इस विवाद को संभालने की जिम्मेदारी जिस पर भी थी उसने इसे सही से नहीं संभाला।” गांगुली को हाल ही हुई बीसीसीआई की विशेष आम बैठक में लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर काम करने वाली समिति का सदस्य बनाया गया है। गांगुली इस समिति में मौजूद अकेले क्रिकेटर हैं। गांगुली ने कहा है कि वह इस मामले में प्रशासनिक समिति की पूरी बात सुनेगें।