महेन्द्र सिंह धोनी को दुनिया को सबसे बेहतरीन फिनिशर कहा जाता है। Image courtesy: Getty Images
महेन्द्र सिंह धोनी को दुनिया को सबसे बेहतरीन फिनिशर कहा जाता है। Image courtesy: Getty Images

भारतीय क्रिकेट शुरूआत से ही दर्शकों को आकर्षित करने में कामयाब रहा है इसका सबसे बड़ा कारण है खिलाड़ियों की प्रसिद्धी। अगर आप किसी भी क्रिकेट प्रशंसक से पूछेंगे तो वह यही कहेगा कि वह क्रिकेट सिर्फ सचिन के लिए देखता है या राहुल द्रविड़ की वजह से ही उसने क्रिकेट देखना शुरू किया। क्रिकेटर ही क्रिकेट की जान हैं ये कहना गलत नहीं होगा। वहीं मैदान पर हर क्रिकेटर का खेलने का एक खास तरीका होता है जो उसे सबसे अलग बनाता है। कई भारतीय क्रिकेटर्स के नाम के साथ कुछ ऐसी ही खास चीजें जुड़ गई है जो गुजरते वक्त के साथ मैदान पर उनका पहला प्यार बन गई है। जैसे कि हम सभी जानते है कि रोहित शर्मा और इडेन गार्डन की खूबसूरत प्रेम कहानी के बारें में तो आइये जानते हैं भारतीय क्रिकटर्स की ऐसी ही कई कहानियों के बारें में।

विरेंदर सहवाग और पहली गेंद पर चौका-

सहवाग भारतीय टीम के सबसे कामयाब सलामी बल्लेबाज रहें हैं लेकिन अगर हम क्रिकेट की किताब उठा कर देखें तो वीरू में सलामी बल्लेबाज की कोई खूबी नहीं थी। आमतौर पर सलामी बल्लबाज धीरे और संभल कर खेलते हैं जिससे वह नई गेंद और गेंदबाज की तकनीकि को समझें साथ ही शुरूआती विकेट बचाएं लेकिन हमारे वीरू पाजी तो पहली गेंद से ही गेंदबाज के पीछे पड़ जातें हैं। पहली गेंद पर चौका मारना तो उनका स्टाइल बन चुका है। वीरेन्द्र सहवाग सबसे धमाकेदार बल्लबाजों में गिने जाते हैं। सहवाग हमेशा ही बिना किसा डर और झिझक के क्रीज पर उतरते थे। कई वाकयों पर उनके जोड़ीदार सचिन तेंदुलकर भी उनके इस अंदाज से आश्चर्य में पड़ जाते थे।

2004 में सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में 309 रन बनाए थे उस समय सहवाग और सचिन क्रीज पर मौजूद थे। वीरू उस मैच में ताबड़तोड़ चौके छक्के लगा रहे थे जब सहवाग ने 297 का आंकड़ा पार किया था तो सचिन ने उनसे कहा कि अब वह थोड़ा संभल कर खेलें और चौके छक्के न लगाए और अपना तिहरा शतक पूरा करें। लेकिन वीरू तो वीरू ही हैं, उन्होंने छक्के के साथ 300 रन पूरे किए और टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बनें। यही बात है जो सहवाग को बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है, अगर वह 99 पर भी खेल रहें हों और गेंद शॉट खेलने लायक हो तो वह मौका नहीं गंवाते। 2011 विश्वकप के 5 मैचों में भी सहवाग ने पहली गेंद पर चौके के साथ गेंदबाज का स्वागत किया था। जानिए कौन हैं वह पांच खिलाड़ी जो दिल्ली में दिलाएंगे जीत

सचिन तेंदुलकर और स्ट्रेट ड्राइव-

सचिन तेंदुलकर केवल भारत ही नहीं विश्व क्रिकेट के महान बल्लेबाजों में से एक हैं। सचिन के पसंदीदा शॉट्स में से एक हैं स्ट्रेट ड्राइव, सचिन के इस शॉट के कई दिग्ग्ज क्रिकेटर भी दीवाने हैं। सचिन ने 15 साल में ही भारत के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया था और 40 साल की उम्र तक क्रिकेट खेला। 2013 में सचिन ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। हालांकि आज भी सचिन कई और तरीकों से क्रिकेट से जुड़े रहते हैं। आईसीसी ने सचिन को विश्वकप का एम्बेसेडर बनाया है।

सचिन पहले और एकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें भारत सरकार के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया है। कई क्रिकेट दिग्गजों का मानना है कि सचिन से बेहतर स्ट्रेट ड्राइव कोई भी खिलाड़ी नहीं खेल सकता। मास्टर ब्लास्टर को मैदान पर खेलते देखने के लिए क्रिकेट फैन्स हमेशा तैयार रहते थे। सचिन ने भारतीय क्रिकेट को बहुत कुछ दिया है उनमें से एक है लाजवाब स्ट्रेट ड्राइव। जानिएं कब सचिन तेंदुलकर के शॉट पर बाल बाल बचे सौरव गांगुली

विराट कोहली और कवर ड्राइव-

भारतीय टीम के टेस्ट कप्तान विराट कोहली मौजूदा समय में क्रिकेट की दुनिया में सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं। सुनील गावस्कर, कपिल देव, विवियन रिचर्ड्स और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज इयान चैपस भी कोहली की तारीफ कर चुकें हैं। विराट यूं तो मैदान पर हर तरीके का शॉट लगाने में माहिर है लेकिन उनका सबसे पसंदीदा शॉट है कवर ड्राइव। कोहली की कवर ड्राइव दर्शकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं होती है। कोहली जब मैदान पर उतरतें हैं तो खुद को थोड़ा समय देते हैं ऐसे में ऑफसाइड गेंद अगर उन्हें मिलती हैं तो वह ड्राइव खेलने की कोशिश करते हैं इससे उन्हें आसानी से चार रन मिलते हैं।

कोहली जब फुल लेंथ गेंद पर बैकफुट पर जाकर गेंद को हल्का पंच करते हैं तो वह क्रिकेट के सबसे खूबसूरत नजारों में से एक होता है। हाल ही मेंन्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में खेले गए तीसरे टेस्ट में कोहली ने कप्तानी पारी खेलते हुए अपना दूसरा दोहरा शतक लगाया था। कोहली की कप्तानी में भारत टेस्ट सीरीज 3-0 से जीता। यकीनन कोहली इस समय अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहें हैं और उनके साथ साथ भारतीय क्रिकेट भी एक शानदार समय से गुजर रहा है। क्या दूसरे वनडे में टीम इंडिया में बनती है सुरेश रैना की जगह? जाननें के लिए क्लिक करें

एमएस धोनी और आखिरी गेंद पर छक्का-

भारत के सीमित ओवर के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को यूं ही दुनिया का सबसे बेहतरीन फिनिशर नहीं कहा जाता इसके पीछे कई बेहतरीन पारियां हैं। धोनी भले ही इस समय मुश्किल समय से गुजर रहे हैं लेकिन ये बात झुठलाई नहीं जा सकती कि माही ने कई बार आखिरी ओवर में शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत को हारे हुए मैच जिताए हैं। इसके लिए सबसे अच्छा उदाहरण होगा 2011 विश्वकप फाइनल मैच, जब धोनी के एक छक्के के साथ पूरे देश का 28 सालों का इंतजार खत्म हुआ था। 2004 में भारतीय क्रिकेट में पर्दापण करने के बाद धोनी ने अपनी एक अलग ही बल्लेबाजी की तकनीकि से लोगों का परिचय कराया।

धोनी ने कई नए शॉट्स बनाए जैसे उनका सबसे पसंदीदा हैलीकॉप्टर शॉट। आखिरी ओवरों में जब गेंदबाज यॉर्कर को हथियार बनाता है तब धोनी अपने इस शॉट से हर यॉर्कर को छक्के में बदल देतें हैं। ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि अगर फिनिशिंग एक कला है तो धोनी पिकासो हैं। धोनी का बेहतरीन फिनिशिंग पारियों में से एक है ट्राई सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में खेला गया मैच, जब भारत को 4 गेंद पर 12 रन चाहिए थे और धोनी ने दो छ्क्के मार कर भारत को मैच जिताया।

युवराज सिंह और पुल शॉट-

अगर आपको वह मैच याद होगा जब युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में छह छक्के मारे थे और ऐसा कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए थे। उस ओवर में यूवी ने एक पुल शॉट भी खेला था। पुल हमेशा से ही यूवी का पसंदीदा शॉट रहा है, अपने लंबे कद का इस्तेमाल कर वह काफी ऊंचे पुल शॉट खेलतें है। खुद युवराज का भी यही कहना है कि पुल उनका पसंदीदा शॉट है, हालांकि युवराज घुटनों पर आकर जब गेंद को उठा कर मारते हैं तो शत प्रतिशत छक्का ही जाता है। छह छक्कों में से तीन यूवी ने इसी तरह मारे थे पर उनका पुल शॉट भी जबरदस्त है।

2009 में न्यूजीलैंड के दौरे पर वेलिंगटन में खेले गए तीसरे टेस्ट में युवराज ने ऐसा पुल शॉट लगाया था कि गेंद स्टेडियम से बाहर खड़ी एक वैन पर जा गिरी। युवराज खुद काफी देर तक गेंद तो देखते रहे क्योंकि उन्हें भी भरोसा नहीं हो रहा था कि ये शॉट उन्होंने मारा है। इस समय युवराज रणजी ट्रॉफी खेल रहें हैं। पहले रॉउंड में असफल होने के बाद यूवी ने दूसरे रॉउंड में जबरदस्त वापसी की और मध्य प्रदेश के खिलाफ पहली पारी में 177 रन बनाए और दूसरी पारी में 70। यूवी इस वक्त भारतीय टीम से बाहर है लेकिन फैन्स को उम्मीद है कि जल्द ही वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करेंगे और उन्हें युवराज के और धमाकेदार पुल शॉट देखने को मिलेंगे।