विशाखापत्तनम नें महेंद्र सिंह धोनी ने 148 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। © PTI
विशाखापत्तनम नें महेंद्र सिंह धोनी ने 148 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। © PTI

भारत के सीमित ओवर के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की फॉर्म पर भले ही कई सवाल उठ रहे है लेकिन इस बात में कोई शक नहीं कि धोनी आज भी दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं। मोहाली वनडे में धोनी ने चार नंबर पर बल्लेबाजी की और शानदार 80 रन बनाए हालांकि वह शतक से चूक गए पर काफी दिनों बात उनके बल्ले से निकली इस पारी का दर्शकों ने खूब मजा उठाया। वहीं एक समय ऐसा था जब धोनी के आगे किसी गेंदबाज की नही चलती थी। 2005 में भारत पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मैच में पाकिस्तानी गेंदबाज शाहिद अफरीदी और धोनी के बीच मैदान पर तनातनी हो गई थी। धोनी तो अपने नाम की तरह कूल ही रहे लेकिन अफरीदी से उनका गुस्सा संभाला नही गया और उन्होंने धोनी को गाली दे दी। जानें न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के बाद किन चार खिलाड़ियों को किया जा सकता है भारतीय टीम से बाहर

भारत पाकिस्तान सीरीज का यह मैच विशाखापत्तनम के वाई एस राजशेखर रेड्डी स्टेडियम में खेला जा रहा था। टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारत की ओर से तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए महेंद्र सिहं धोनी अपनी शानदार फॉर्म के चलते आते ही चौके छक्के जड़ने लगे। नौवें ओवर में गेंदबाजी करने आए शाहिद अफरीदी ने बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए गलत अपील करना शूरू कर दिया। ओवर की तीसरी गेंद पर अफरीदी ने ऐसी ही एक गलत अपील की, धोनी और सहवाग को यह बात बिल्कुल अच्छी नहीं लगी और अगली ही गेंद पर जोरदार चौका मारकर धोनी ने अफरीदी को इसका जवाब भी दिया। चौका खाने के बाद अफरीदी और ज्यादा भड़क गए और मैदान पर सबसे सामने ही एम एस धोनी को गालियां देने लगे। धोनी लगातार मुस्कुरा ही रहे थे क्योंकि वह जानते थे इसका जवाब उन्हें कैसे देना है। ओवर की पांचवीं गेंद पर धोनी ने लंबा छक्का लगाकर अफरीदी को बता दिया कि वह किसके सामने खड़े हैं। उस मैच में धोनी की 148 रनों का धमाकेदार पारी की बदौलत भारत ने 356 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जिसके जवाब में पाकिस्तानी टीम 44.1 ओवर में 298 रन पर ऑल आउट हो गई। भारत ने वह मैच 58 रनों से जीत लिया और छह मैचों की सीरीज में 2-0 से बढ़त बना ली। जानिए देश के जवानों से क्या कहा विराट कोहली ने

भारत पाकिस्तान के बीच पिछले काफी समय से कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं हो रही है जिसका कारण है पाकिस्तान का आतंकवाद का समर्थन करना। दोनों टीमें केवल आईसीसी के किसी बड़े टूर्नामेंट में ही साथ खेलती दिखती हैं। जब भी दोनों टीमें आमने सामने होती है दर्शकों को एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलता है। आखिरी बार ये दोनों टीमें आईसीसी टी20 विश्वकप 2016 में एक साथ खेलती नजर आईं थी। कोलकाता के ईडन गार्डन में हुए इस मैच में भारत ने आसानी से पाकिस्तान को हरा दिया था। उम्मीद है कि अगले साल आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान एक बार फिर आमने सामने नजर आएं लेकिन इसमें कई परेशानियां भी हैं। बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने आईसीसी से निवेदन करने का फैसला लिया है कि भारत और पाकिस्तान को अलग अलग पूल में रखा जाए। जिससे दोनो के साथ खेलने की संभावनाएं कम हो सके। उरी हमले के बाद से ही भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ रवैया और भी ज्यादा सख्त कर लिया है।