Brian Lara feels  T20 leagues need representation of Indian players
Hardik Pandya, Shreyas Iyer (File Photo) @ IANS

पहले सीजन के सफल आयोजन के बाद ग्लोबल टी-20 लीग अपने दूसरे सीजन के लिए तैयार है। इसकी शुरुआत 25 जुलाई से हो रही है। इस लीग के ब्रांड एम्बेसडर ब्रायन लारा को हालांकि लगता है कि दुनिया भर में जितनी भी टी-20 लीग हो रही उनमें भारतीय खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व जरूरी है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भारतीय खिलाड़ियों को किसी भी दूसरे देश की टी-20 लीग में खेलने की अनुमति नहीं देता है। लारा को लता है कि खेल की बेहतरी के लिए इसे बदलने की जरूरत है।

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लारा ने कहा कि हर देश को अपनी नीतियां बनाने का पूरा हक है, लेकिन जीटी-20 लीग में भारतीय खिलाड़ियों का होना नए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद करेगा। लारा ने कहा, “मैं बीसीसीआई या उसके खिलाड़ियों के प्रति आलोचनात्मक नहीं हो रहा हूं, लेकिन विश्व चाहता है कि भारत के कुछ बेहतरीन खिलाड़ी यहां खेलें। इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है कि भारतीय खिलाड़ियों को और खिलाड़ियों से ज्यादा पसंद किया जाता है।”

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वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने कहा, “यह अच्छा होगा कि इन लीगों में अलग-अलग देशों के खिलाड़ी आएं। इससे क्रिकेट को मदद मिलेगी और मेरा काम है कि मैं स्कूल में जाकर देखूं कि हम उनकी मदद कर सकते हैं या नहीं।”

लारा ने इस बात को कबूला कि बेशक उन्हें टेस्ट क्रिकेट पसंद हो लेकिन आज की युवाओं को खेल का सबसे छोटे प्रारूप भाता है। बाएं हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा, “टी-20 एक मात्र प्रारूप है। खेल बदल चुका है। मैंने टी-20 नहीं खेला। मैंने टेस्ट क्रिकेट खेला है और मैं इसका लुत्फ उठाता था, लेकिन टी-20 इकलौता ऐसा प्रारुप है जो बदलाव पैदा कर सकता है। यह खेल को बाकी देशों में ले जा सकता है।”