Carl Hooper: Difficult for Prithvi to play well in England, Australia with current batting technique
Prithvi Shaw (File Photo) © IANS

इंग्‍लैंड दौरे पर आखिरी दो टेस्‍ट में टीम में शामिल किए जाने के बावजूद भी पृथ्‍वी शॉ को प्‍लेइंग इलेवन में शामिल होने का मौका नहीं मिला। वेस्‍टइंडीज के खिलाफ राजकोट टेस्‍ट को पृथ्‍वी ने अपना टेस्‍ट डेब्‍यू किया। पहले ही मैच में शतक जड़कर पृथ्‍वी ने अपनी बल्‍लेबाजी से सभी को प्रभावित किया।

बैकफुट पर जाकर पृथ्‍वी द्वारा लगाए गए शॉट से वेस्टइंडीज के आलराउंडर कार्ल हूपर को कैरेबियाई क्रिकेट की याद आ गयी लेकिन उनका मानना है कि आक्रामक शैली और वर्तमान तकनीक के साथ इस 18 वर्षीय बल्लेबाज के लिए विदेशों की कड़ी परीक्षा में पास होना आसान नहीं होगा।

कार्ल हूपर ने पीटीआई से कहा, ‘‘देखने से लगता है कि उसके अंदर प्रतिभा छिपी है लेकिन वो गेंद की लाइन में आकर नहीं खेलता। उसे बैकफुट पर जाकर खेलना पसंद है और विकेट के स्क्वायर में खेलता है। यहां तो यह चल जाएगा लेकिन ब ल्ले और शरीर के बीच काफी अंतर होने से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में उसे परेशानी हो सकती है।’’

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज और 2003-04 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में नई गेंद का अच्छी तरह से सामना करने वाले आकाश चोपड़ा की राय पृथ्‍वी की तकनीक को लेकर अलग है। उनका भी मानना है कि पृथ्‍वी को अपने खेल में पैनापन लाने की जरूरत है लेकिन उन्होंने कहा कि अगर वीरेंद्र सहवाग अपरंपरागत तरीके से सफल हो सकता है तो फिर यह किशोर खिलाड़ी भी उसके साथ सफलता हासिल कर सकता है।

चोपड़ा ने कहा, ‘‘हमने अभी जो देखा वो केवल ट्रेलर है। वो काफी प्रतिभावान लग रहा है। आप इसमें विपक्ष और पिच के सपाट होने जैसे नुक्स नहीं निकाल सकते हो, लेकिन उसकी परीक्षा विदेशों में होगी और मुझे विश्वास है कि वो इससे अवगत होगा।’’

(एजेंसी इनपुट के साथ)

उन्होंने कहा, ‘‘एक दो चीजें ऐसी हैं जिसपर उसे काम करने की जरूरत है। मुझे पूरा विश्वास है कि वो इन पर काम कर रहा होगा। इनमें से एक उनका मूवमेंट है जो कि अभी आईपीएल से भिन्न लग रहा है। मैं बहुत चिंतित नहीं हूं। उसने शानदार शुरुआत की थी।’’

पृथ्‍वी को बहुत करीब से देखने वाले मुंबई के अमोल मजूमदार का मानना है कि अभी इस युवा बल्लेबाज की तकनीक को लेकर टिप्पणी करना सही नहीं होगा और इसके लिए उनके विदेशों में खेलने तक इंतजार करना चाहिए।

मजूमदार ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उन्हें बहुत अधिक बदलाव करने की जरूरत है। हर खिलाड़ी की खेल की अपनी शैली होती है। उसकी शैली आक्रामक है और उसे इसे जारी रखना चाहिए। हमें उसके इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में खेलने तक इंतजार करना चाहिए तभी हम इस बारे में बात कर सकते हैं।’’