के एल राहुल © AFP
के एल राहुल © AFP

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे चौथे और अंतिम टेसिट मैच में 60 रनों की पारी खेलने वाले के एल राहुल ने कहा कि जोश हेजलवुड और पैट कमिंस का सुबह का स्पैल उनके टेस्ट कैरियर का सबसे ‘कठिन’ स्पैल था। राहुल ने विपक्षी टीम के तेज गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘मैं कह सकता हूं कि जोश और कमिंस ने पहले सत्र में काफी कठिन गेंदबाजी की, ऐसी गेंदबाजी का अभी तक मैंने अपने टेस्ट करियर में सामना नहीं किया है। वे गेंद बिलकुल सही लाइन एवं लेंथ में डालते हैं और काफी तेजी से गेंद को स्विंग करते हैं।’’ राहुल का कमिंस की गेंद पर खेला गया पुल शॉट काफी आलोचना भरा रहा क्योंकि तब वह 60 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे और बड़ी पारी खेलने की ओर अग्रसर थे। [ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, चौथे टेस्ट का लाइव स्कोरकार्ड]

पुल शॉट पर उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से शॉट बहुत ही खराब रहा। लेकिन क्रीज पर इतनी देर से बल्लेबाजी करने के बाद मुझे लगा कि मैं कमिंस की गेंद पर यह शॉट खेल सकता हूं क्योंकि पीछे कोई क्षेत्ररक्षक नहीं था। जैसा कि मैंने कहा कि यह खराब शॉट रहा लेकिन मेरा जज्बा सही था। ’’ राहुल ने कहा, ‘‘मैं यहां बैठकर जज्बे के अलावा अन्य सैकड़ों बात पर सवाल उठा सकता हूं। लेकिन क्रीज पर मुझे लगा कि मैं शॉट खेल सकता हूं लेकिन दुर्भाग्यशाली रहा कि यह मेरे हक में नहीं रहा।’’ राहुल ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि दूसरी पारी में मैं ऐसा कर पाऊं। इसलिए मैं दूसरी पारी में फिर से सकारात्मक जज्बे से बल्लेबाजी करने जाऊंगा।’’ टेस्ट सीरीज में पांच अर्धशतकों से राहुल घरेलू टीम के उन दो बल्लेबाजों में शामिल हैं जो काफी निरंतर रहे हैं, उनके अलावा दूसरे खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा हैं। भले ही राहुल ने अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाएं हों, लेकिन वह इससे निराश नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे किसी भी चीज का पछतावा नहीं है। निश्चित रूप से थोड़ी निराशा है कि मैं इस शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील कर सकता था और टीम के लिए काफी रन जुटा सकता था। बतौर सलामी बल्लेबाज मेरी जिम्मेदारी क्रीज पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताकर पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाना है ताकि हमें दूसरी पारी में बल्लेबाजी नहीं करनी पड़े।’