ऑस्ट्रेलिया में अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने खुद को हर मोर्चे पर साबित किया है. उन्हें इस दौरे पर अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी की जिम्मेदारी भी मिली थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया. रहाणे ने गैर अनुभवी बॉलिंग अटैक और नियमित कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) के टीम में न होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमी पर 2-1 से हरा दिया. इस दौरान रहाणे ने तीन टेस्ट में कप्तानी की और वह एक भी टेस्ट हारे नहीं. रहाणे ने बताया कि कप्तानी का यह गुरु मंत्र उन्हें पूर्व भारतीय कप्तान और भारतीय बल्लेबाजी की शान रहे राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) से मिला था.

रहाणे ने बताया कि द्रविड़ ने उन्हें सलाह दी थी कि वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नेट्स में ज्यादा बल्लेबाजी न करें और कप्तानी करते हुए भी खुद पर दबाव हावी न होने दें. अजिंक्य रहाणे मशहूर क्रिकेट कॉमेंटेटर हर्षा भोगले (Harsha Bhogle) से बात कर रहे थे. रहाणे ने भोगले को बताया, ‘राहुल भाई ने मुझे सीरीज से पहले फोन किया था, जब हम दुबई से ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे. उन्होंने कहा, ‘कोई भी दबाव न लेना, मैं जानता हूं कि तुम पहले टेस्ट के बाद कप्तानी कर रहे हो. किसी भी बात की चिंता मत करना. बस मानसिक रूप से मजबूत रहना. नेट्स में ज्यादा बल्लेबाजी मत करना, राहुल भाई से ऐसी सलाह (बल्लेबाजी की प्रैक्टिस न करना) की आप उम्मीद नहीं करते.”

32 वर्षीय रहाणे ने कहा, ‘राहुल भाई को बैटिंग पसंद है, और वह खुद ऐसे थे कि मैंने यह गलती की. और उन्होंने मुझे कहा, ‘नेट्स में ज्यादा बैटिंग मत करना, तुम्हारी तैयारी सही है, तुम अच्छी बैटिंग कर रहे हो. तो कोई दबाव मत लेना. बस इतना ही सोचो कि तुम टीम का नेतृत्व कैसे करोगे, खिलाड़ियों को तुम कैसे विश्वास दोगे. परिणाम की चिंता मत करना, यह खुद ही सही होंगे.’ इस बातचीत ने मेरा काम और आसान कर दिया.’

बता दें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले टेस्ट मैच के बाद कप्तान विराट कोहली पितृत्व अवकाश पर भारत लौट आए थे. इसके बाद सीरीज की बाकी 3 टेस्ट में रहाणे ने टीम की कमान संभाली थी. रहाणे ने जब कमान संभाली तब टीम इंडिया 0-1 से पिछड़ी हुई थी और बाद में भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की.